नोटबंदी या फिर नोटबदली को अब सरकार एक प्रक्रिया के तहत लागू करने पर विचार कर रही है। जाली नोटों के कारोबार और काले धन पर शिकंजा कसने के लिए सरकार करेंसी नोटों के बदलावों पर विचार कर रही है।
8 नंवबर 2016 को जो हुआ वो अब हर 4-5 साल में हो सकता है। नोटबंदी या फिर नोटबदली को अब सरकार एक प्रक्रिया के तहत लागू करने पर विचार कर रही है। जाली नोटों के कारोबार और काले धन पर शिकंजा कसने के लिए सरकार करेंसी नोटों के बदलावों पर विचार कर रही है।
नोटबंदी या नोटबदली
केंद्र सरकार जाली मुद्रा को लेकर ज्यादा चिंतित है। नोटबंदी के बाद जब नए नोट जारी किए गए उसके बाद तमाम जगहों से 2000 और 500 के नए नोटों की जाली मुद्रा पकड़ में आई। ऐसे में सरकार इस बात पर गौर कर रही है कि नोटों में होने वाले सिक्योरिटी फीचर्स को हर 3-4 साल पर बदल दिया जाएगा।
बैठक में हुई चर्चा
इसे मुद्दे पर वित्त मंत्रालय और गृहमंत्रालय के उच्च अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि सहित वित्त और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।इस बैठक में इस बात का समर्थन किया गया कि अन्य विकसित देश की तरह हमारे देश में भी नोटों में सुरक्षा फीचर हर 3-4 साल में बदलने की पहल होनी चाहिए।
नोटबदली से क्या लाभ होगा
नोट के सिक्योरिटी फीचर बदलने से सरकार को बड़ा लाभ हो सकता है। जाली नोट छापने वाले गैंग बार-बार होने वाले परिवर्तन से ऐसा करना बंद कर सकते हैं। जाली नोट बनाने का धंधा बहुत बड़ा है और इसमें यदि सरकार थोड़े-थोड़े वक्त पर ऐसे बदलाव करती रहेगी तो ऐसे तत्वों की कमर टूटना तय है। तमाम विकसित देश जाली नोटों पर लगाम लगाने के लिए ये प्रक्रिया अपनाते हैं और इसमें सफल भी होते हैं।
क्या लोगों को हर बार उठानी होगी परेशानी?
नहीं, इस बार सरकार की मंशा बिल्कुल भी ऐसी नहीं लगती है। 8 नंवबर 2016 को सरकार ने नोटबंदी की थी जबकि अब सरकार नोट बदली यानि कि नोटों के सिक्योरीटी फीचर और डिजायन में बदलाव कर सकती है। ऐसे में लोगों को दोबारा लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी।
भूतकाल से लिया सबक
सरकार ने पिछले 30-40 वर्षों को दौर से ये सबक लिया है कि नोटबंदी या फिर नोटबदली देश हित में जरूरी है। आपको बता दें कि साल 2000 में 1000 रुपए का नोट जारी किया गया था, लेकिन उनमें आने वाले वर्षों तक कोई बदलाव नहीं किया गया था। हाल के दिनों में सरकार ने 1000 और पुराने 500 रुपए के नोटों को पूरी तरह से बंद किया। इसी तरह 1987 में 500 रुपए के नोट जारी किए गए थे लेकिन लंबे वक्त तक उसमें किसी तरह का कोई परिवर्तन नहीं किया गया था।
नए नोटों के सुरक्षा फीचर्स जाली नोटो में मिले
आपको बता दें कि हाल ही में पकड़े गए जाली नोटों में 17 सुरक्षा फीचर में से कम से कम 11 की नकल की गई है। जिसे लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई है और अब नोटों के सिक्योरिटी फीचर्स को निश्चित समय अंतराल के बाद बदलने पर विचार किया जा रहा है।


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