केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में दो फीसदी की अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दे दी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में दो फीसदी की अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दे दी। यह वृद्धि एक जनवरी से लागू होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
2 फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "मंत्रिमंडल ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त दो फीसदी मंहगाई भत्ता बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा पेंशनभोगियों के लिए भी मंहगाई राहत की दर में दो फीसदी की वृद्धि की गई है, जो एक जनवरी से लागू माना जाएगा। मंहगाई से केंद्रीय कर्मचारियों को राहत देने के लिए मौजूदा मूल वेतन/मूल पेंशन में दो फीसदी वृद्धि की गई है।"
पेंशन व्यवस्था पर काम करने की जरूरत
पेंशन भोगी समाज बनाने के लिए भारत को एक योजनाबद्ध तरीके से पेंशन व्यवस्था पर काम करने की जरूरत है। यह बात बुधवार को फिक्की-केपीएमजी के व्हाईट पेपर में कही गई है। 2011 के आंकड़े बताते हैं कि भारत की केवल 12 प्रतिशत कामगार जनसंख्या पेंशन योजना से लाभान्वित है।
रिपोर्ट में कामगारों की दशा पर चिंता
यह बताता है, कि भारत की कामगार जनसंख्या का कुछ हिस्सा ही वृद्धावस्था आय असुरक्षा की चुनौती से बच सका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में वृद्धों की तेजी से बढ़ती आबादी और पेंशन से लाभान्वित कम संख्या मिलकर ऐसी चुनौती तैयार कर रहे हैं, जिसके बारे में योजनाकारों को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
2050 तक भारत में होंगे 33 करोड़ वृद्ध
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 60 से अधिक आयु वाले लोगों की संख्या 2010 से 2050 तक तीन गुना बढ़कर 33.10 करोड़ हो जाएगी।
विभिन्न क्षेत्रों में हुआ सर्वे
इस रिपोर्ट के लिए केपीएमजी इंडिया ने इस वर्ष औद्योगिक क्षेत्र, आईटी बीपीओ, ऑटोमोटिव, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवा, उपभोक्ता बाजार साहित विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों की पेंशन योजनाओं को जानने के लिए कर्मचारी पेंशन योजना सर्वेक्षण कराया है। इस सर्वे के लिये 167 व्यापारिक उद्यमों ने अपना जबाव दिया।
रिटायर्मेंट की योजना पर ध्यान देने की जरूरत
इस सर्वे में ज्यादातर कर्मचारियों का मानना था कि कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति योजनाओं पर ज्यादा जोर दिए जाने की आवश्यकता है। जबाव देने वालों के आधार पर सर्वे बताता है कि नेशनल पेंशन स्कीम ऑफ द पेंशन फण्ड रेगुलेटरी एण्ड डेवलपमेंट अथॉरिटी के लिए कर प्रणाली में फायदा प्राथमिक कारण है।
पेंशन व्यवस्था को व्यापक बनाने की जरूरत
केपीएमजी के साझेदार एवं प्रमुख परिजाद सिरवाला कहते हैं, "पेंशन क्षेत्र के इस बढ़े अंतर को ध्यान में रखते हुए दोनों पेंशन धारकों, नियामकों, ईपीएफओ (इम्पलॉयर्स प्रोविडेंट फंड ऑगिनाईजेशन) और पीएफआरडीए के साथ-साथ सरकार और उद्योगों को एक साथ आने की और पेंशन व्यवस्था को भारत में व्यापक और सतत बनाने की जरूरत है।" सिरवाला कहते हैं कि भारत में पेंशन योजना सुधारों के लिए पर्याप्त संस्थागत प्रयास करने की आवश्यकता है।
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