एसबीआई (SBI) के इस फैसले का असर पीएम जन-धन योजना के तहत खोले गए खातों पर नहीं पड़ने वाला है। एसबीआई चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने इसकी जानकारी दी है।
भारतीय स्टेट बैंक ने आगामी पहली अप्रैल से बचत खातों में मिनिमम बैलेंस (न्यूनतम बैलेंस) की सीमा कई गुना बढ़ाने का निर्णय किया है। इससे पेंशनभोगी और छात्र-छात्राओं सहित उसके मौजूदा 31 करोड़ खाता धारक प्रभावित होने वाले हैं। हालांकि एसबीआई (SBI) के इस फैसले का असर पीएम जन-धन योजना के तहत खोले गए खातों पर नहीं पड़ने वाला है। एसबीआई चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने इसकी जानकारी दी है।
जन-धन खातों पर नहीं लगेगा चार्ज
एसबीआई चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया है कि जन-धन खातों या 'बेसिक सेविंग्स बैंक' अकाउंट्स के लिए मिनिमम बैलेंस को लेकर किया जा रहा बदलाव प्रभावी नहीं होगा। अरुंधति ने कहा, 'वित्तीय समावेशन वाले किसी भी खाते पर यह लागू नहीं होगा। जहां तक हमारी जानकारी है तो दूसरे सभी बैंकों में इस तरह के शुल्क पहले से मौजूद हैं।'
भ्रम फैलाया जा रहा है: भट्टाचार्य
अरुंधति भट्टाचार्य ने इशारा किया कि नए नियमों को नहीं जानने वालों की तरफ से भ्रमात्मक चीजें बताई जा रही हैं। जुलाई 2012 में एसबीआई ने अपना कस्टमर बेस बढ़ाने के लिए बैंक अकाउंट्स पर मिनिमम बैलेंस रखने का दबाव हटा लिया था। अब एक अप्रैल से फिर से मिनिमम बैलेंस रखने का नियम प्रभावी होने जा रहा है। आगे पढ़ें मिनिमम बैलेंस को लेकर क्या है नियम-
50 रुपए का चार्ज
SBI ने अब बचत खाता धारक बैंक में सिर्फ तीन बार ही धन जमा (कैश डिपॉजिट ) या निकाल (विड्रॉल) कर सकते हैं। इसके बाद हर लेन-देन पर सर्विस टैक्स के साथ 50 रुपए का अतिरिक्त चार्ज लगेगा।
सिर्फ 5 फ्री ट्रांजेक्शन
एसबीआई के एटीएम से 5 बार ही फ्री ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा। इसके बाद हर बार ट्रांजेक्शन करने पर 10 रुपए शुल्क देना होगा।
20 रुपए एटीएम फीस
एसबीआई के ग्राहक दूसरे बैंकों के एटीएम से सिर्फ 3 बार ही फ्री में पैसे निकाल सकते हैं। इसके बाद पैसे निकालने पर 20 रुपए शुल्क देना पड़ेगा।
तब नहीं लगेगी फीस
हालांकि एसबीआई खुद के एटीएम से तक तक कई फीस नहीं लगाएगी जब तक उसके ग्राहक के खाते में 25,000 रुपए की राशि का बैलेंस हो।
1 लाख रुपए के बैलैंस पर फ्री ट्रांजेक्शन
इसके अलावा खाते में 1 लाख रुपए के बैलेंस पर SBI ग्राहक किसी भी बैंक के एटीएम से नि:शुल्क पैसे निकाल सकता है।
SMS अलर्ट के 15 रुपए
SBI अपने ग्राहकों से अब हर तिमाही 15 रुपए एसएमएस के जरिए अर्ट भेजने पर चार्ज लगाएगी। 15 रुपए उन ग्राहकों के लिए है जिनके खाते में 25 हजार रुपए की राशि रहती हो।
1,000 से अधिक लेन-देन पर चार्ज
वहीं एसबीआई ने यूपीआई/भीम एप के माध्यम से 1 हजार रुपए तक की राशि के लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगाएगी।
SBI का नया फरमान
एसबीआई ने अपने खाताधारकों के नया नियम लागू करते हुए खाते में मिनिमम बैलेंस यानि न्यूनतम राशि रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। SBI ने कहा है कि वह 1 अप्रैल से ऐसे डिफॉल्टर्स से फाइन लेना शुरु कर देगा।
मिनिमम बैलेंस के लिए 4 कटेगरी
एसबीआई ने मिनिमम बैलैंस रखने के लिए चार कटेगरी बनाई है। इसमें मेट्रो शहर, शहरी इलाके, अर्ध शहरी इलाके, और ग्रामीण इलाके हैं।
मेट्रो शहर
SBI ने मेट्रो शहरों के लिए 5,000 रुपए न्यूनतम जमा राशि रखने के निर्देश दिए हैं।
शहरी क्षेत्र
SBI ने शहरी क्षेत्रों के लिए न्यूनतम राशि रखने की सीमा 3,000 रुपए तय की है।
अर्ध शहरी इलाके
अर्ध शहरी इलाकों के लिए SBI ने न्यूनतम राशि की सीमा 2,000 रुपए तय की है।
ग्रामीण क्षेत्र
SBI ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए न्यूनतम राशि की सीमा तय करते हुए 1,000 रुपए निर्धारित की है।
कब लगेगा फाइन
इस नियम के बाद यदि किसी खाता धारक के खाते में पैसा न्यूनतम राशि से कम रहता है तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। SBI ने इसके लिए भी तीन कटेगरी बनाई है। जिसमें 75 फीसदी से कम न्यूनतम राशि, मिनिमम बैलेंस में कमी 50 से 75 फीसदी के बीच, 50 फीसदी से कम न्यूनतम बैलेंस होने पर फाइन अलग-अलग लगेगा।
75 फीसदी पर जुर्माना
यदि खाते में न्यूनतम बैलेंस 75 फीसदी से अधिक की कमी है तो सर्विस टैक्स के साथ 100 रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। उदाहरण के लिए यदि न्यूनतम बैलेंस 1,000 रुपए है और खाते में राशि सिर्फ 250 रुपए है तो 75 फीसदी जुर्माने की श्रेणी में आएगा।
50-75 फीसदी पर जुर्माना
यदि खाते में 50 से 75 फीसदी के बीच खाते में पैसा रहता है तो जुर्माने की राशि सर्विस टैक्स के साथ 75 रुपए अदा करनी पड़ेगी। उदाहरण के लिए यदि न्यूनतम बैलेंस 1,000 रुपए है और खाते में राशि सिर्फ 500 से 700 रुपए है तो 50-75 फीसदी जुर्माने की श्रेणी में आएगा।
50 फीसदी पर जुर्माना
यदि खाते में 50 फीसदी से कम बैलेंस है तो सर्विस टैक्स के साथ 50 रुपए का फाइन देना पड़ेगा। उदाहरण के लिए यदि न्यूनतम बैलेंस 1,000 रुपए है और खाते में राशि सिर्फ 500 रुपए है तो 50 फीसदी जुर्माने की श्रेणी में आएगा।
ग्रामीण इलाकों के लिए फाइन की श्रेणी
ग्रामीण क्षेत्रों में मिनिमम बैलेंस ना होने पर सर्विस टैक्स के साथ 20 से 50 रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।


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