सरकार ने बैंकों को 31 मार्च 2017 तक सभी बचत खातों को मोबाइल और आधार संख्या से जोड़ने का निर्देश दिया है और ऐसे ग्राहकों के लिये मोबाइल बैंकिंग के लिये सक्षम बनाने को कहा है।
सरकार ने बैंकों को 31 मार्च 2017 तक सभी बचत खातों को मोबाइल और आधार संख्या से जोड़ने का निर्देश दिया है और ऐसे ग्राहकों के लिये मोबाइल बैंकिंग के लिये सक्षम बनाने को कहा है।

एक आधिकारिक बयान में आज कहा गया है कि सभी बैंकों को इसे अभियान के तौर पर चलाने की सलाह दी गयी है। मोबाइल के जरिये भुगतान के लिये खाते से मोबाइल नंबर को जोड़ना और एम-बैंकिंग हेतु उपयुक्त बनाना पूर्व शर्त है जबकि आधार संख्या से खाते को जोड़ा आधार युक्त भुगतान प्रणाली (एईपीएस) के उपयोग के लिये एक पूर्व शर्त है।
हाल की कैबिनेट सचिवालय की अधिसूचना के अनुसार इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) को डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी दी गयी है।
एक अनुमान के तहत फिलहाल केवल 65 प्रतिशत बचत खाते मोबाइल नंबर से जुड़े हैं और 50 प्रतिशत आधार से संबद्ध हैं।मोबाइल नंबर से जुड़े कुल 65 प्रतिशत खातों में से केवल 20 प्रतिशत मोबाइल बैंकिंग की सुविधा कर दी गयी है।
बयान के अनुसार, 'इस प्रक्रिया को ग्राहकों के लिये आसान बनाने के लिये एमईआईटीवाई ने बैंकों से फोन आदि के जरिये ग्राहकों से संपर्क कर इसकी सहमति की संभावना तलाशने को कहा है।
फिलहाल इसके लिये ग्राहकों को बैंक शाखा या एटीएम जाने की आवश्यकता होती है।' इस अभियान को तत्काल प्रभाव से शुरू किया गया जाएगा। इस अभियान पर एमईआईटीवाई के साथ वित्तीय सेवा विभाग नजर रखेंगे।


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