कार्ड पेमेंट करने वालों के लिए मोदी सरकार ने दी खुशखबरी

नोटबंदी के बाद कार्ड से लेनदेन को प्रोत्साहित करने में जुटी सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक अब छोटे व्यापारियों को राहत दे सकते हैं।

नोटबंदी के बाद से केंद्र की मोदी सरकार ने लोगों को कैशलेश भुगतान के लिए काफी प्रोत्साहित किया। डिजिटल पेमेंट को आसान और सुगम बनाने के लिए सरकार ने भीम एप भी लॉन्च किया और अब पीओएस मशीनों के जरिए पेमेंट करने पर MDR फीस घटाने पर भी काम शुरु कर दिया है।

एमडीआर शुल्क घटा सकती है मोदी सरकार

एमडीआर शुल्क घटा सकती है मोदी सरकार

नोटबंदी के बाद कार्ड से लेनदेन को प्रोत्साहित करने में जुटी सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक अब छोटे व्यापारियों को राहत दे सकते हैं। RBI ने डेबिट कार्ड से लेनदेन पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क घटाने के प्रस्ताव के साथ-साथ बैंकों को POSयानी स्वाइप मशीनों पर मासिक किराया भी कम करने को कहा है।

व्यापारियों को मिलेगी राहत

व्यापारियों को मिलेगी राहत

ऐसा होने पर उन व्यापारियों को राहत मिलेगी जिनका कार्ड के माध्यम से लेनदेन कम होने के वजह से POSमशीन लगाना महंगा पड़ता है। माना जा रहा है कि RBI इस संबंध में आगे कदम उठा सकता है।

नेटवर्क फीस हो सकती है संशोधित

नेटवर्क फीस हो सकती है संशोधित

सूत्रों के मुताबिक RBI ने कार्ड नेटवर्कों को भी नेटवर्क फीस को उपयुक्त तरीके से संशोधित करने को कहा है।

आरबीआई का सुझाव

आरबीआई का सुझाव

RBI का कहना है कि फिलहाल जो फ्लैट चार्ज लगाने की व्यवस्था है, उसे बदलकर प्रतिशत आधार पर चार्ज लेना चाहिए। RBI ने बैंकों को व्यापारियों से मासिक किराए को भी तर्कसंगत बनाने बनाने को कहा है।

POS मशीन की लागत अधिक

POS मशीन की लागत अधिक

फिलहाल देश में POSमशीनें लगाने और उसके रखरखाव की लागत काफी अधिक है जिसके चलते छोटे कारोबारी कार्ड से लेनदेन स्वीकारने की व्यवस्था करने से कतराते हैं।

गांव के लिए क्या है इंतजाम

गांव के लिए क्या है इंतजाम

दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में POSमशीनों की सर्विसिंग भी एक समस्या है। ऐसे में यह जरूरी है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए POSमशीनों की संख्या बढ़ाई जाए। यही वजह है कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में POSमशीनों की संख्या बढ़ाने का एलान किया था।

गांव के लिए क्या है इंतजाम

गांव के लिए क्या है इंतजाम

दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में POSमशीनों की सर्विसिंग भी एक समस्या है। ऐसे में यह जरूरी है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए POSमशीनों की संख्या बढ़ाई जाए। यही वजह है कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में POSमशीनों की संख्या बढ़ाने का एलान किया था।

सरकार की योजना

सरकार की योजना

सरकार ने 10 हजार से कम आबादी वाले एक लाख गांवों में दो-दो POSमशीनें लगाने का एलान किया था। ये मशीनें नाबार्ड की मदद से सहकारी समितियों, खाद व बीज के डीलरों और दुग्ध समितियों को दी जाएंगी। फिलहाल देश में करीब 13 लाख POSमशीनें हैं।

क्या है नियम और शुल्क

क्या है नियम और शुल्क

दरअसल कई बैंकों के POSमशीनों के मासिक किराए काफी अधिक हैं। मसलन साउथ इंडियन बैंक POSमशीन पर कम से कम एक हजार रुपए मासिक किराया लेता है। हालांकि POSसे जुड़े चालू खाते में अगर पांच लाख से अधिक राशि रहती है तो यह माफ कर दिया जाता है।

क्या है कमिटमेंट चार्ज

क्या है कमिटमेंट चार्ज

वहीं निर्धारित राशि के लेनदेन न होने पर 250 रुपए कमिटमेंट चार्ज लिया जाता है। इसके अलावा डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन पर अच्छा खासा शुल्क भी वसूला जाता है। यही वजह है कि सरकार और RBI कार्ड से लेनदेन के लिए जरूरी सुविधाओं को सस्ता बनाने में जुटे हैं।

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