ट्रांस पैसेफिक से बाहर निकलने के बाद अमेरिका का अगला निशाना भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम हो सकते हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नितियों का अगला शिकार भारत हो सकता है।
हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रांस पैसेफिक से अमेरिका को बाहर कर लिया है। राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका की व्यापार नीति में बड़ा परिवर्तन देखा जा रहा है। ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका नए टैक्स सुधार में अपने आयात पर अतिरिक्त टैक्स लगा सकता है। इससे वैश्विक अर्थ व्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।
अगला निशाना भारत!
ट्रांस पैसेफिक से बाहर निकलने के बाद अमेरिका का अगला निशाना भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम हो सकते हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नितियों का अगला शिकार भारत हो सकता है। भारत, वियतनाम और इंडोनेशिया के साथ अमेरिका के बड़े व्यापारिक घाटे हैं।
व्यापारिक घाटे में है अमेरिका
अगर अमेरिका आयात टैक्स बढ़ा देता है तो जिन देशों के साथ अमेरिका बड़े व्यापारिक घाटे में है उन देशों को इससे नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका एशिया के तमाम देशों के साथ व्यापार करता है और ये एशियाई देश जिसमें चीन और भारत प्रमुख हैं वह अमेरिका को भारी भरकम निर्यात करते हैं। बढ़ रहे व्यापार घाटे से ट्रंप नीतियों में बदलाव कर सकते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंध
जहां तक भारत और अमेरिका के बीच व्यापार का सवाल है दोनों देश विश्व व्यापार संगठन यानि WTO की ट्रेड पॉलिसी के अंतरगत व्यापार करते हैं। भारत अमेरिका को टेक्सटाइल, कीमती पत्थर, और आईटी सर्विस का निर्यात करता है। भारत और अमेरिका के बीच 2005 में व्यापार 29 बिलियन डॉलर से बढ़कर 69 बिलियन डॉलर हो गया था।
ट्रंप के निशाने पर है चीन
ट्रंप की व्यापार संरक्षण नीति कि प्रमुख निशाना चीन है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन की वन चाइना पॉलिसी पर हमला किया जिसके बाद चीन की तरफ से ट्रंप को गंभीर चेतावनी जारी की गई। इसके बाद चीन और अमेरिका दोनों इस बात से सहमत हो गए कि ट्रेड वॉर से दोनों देशों को नुकसान ही होगा। चीन अमेरिका को 350 बिलियन डॉलर से अधिक का निर्यात करता है।


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