वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि इस तरह के पेमेंट का वॉल्यूम बढ़ने के साथ ही डेबिट कार्ड पेमेंट पर लगने वाले चार्जेस भी कम होंगे।
डिजिटल लेन-देन या कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए सरकार आम आदमी के हित में कुछ अच्छे कदम उठा सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि इस तरह के पेमेंट का वॉल्यूम बढ़ने के साथ ही डेबिट कार्ड पेमेंट पर लगने वाले चार्जेस भी कम होंगे। अर्थात सरकार डिजिटल लेन-देन पर लगने वाले चार्जेस को कम कर सकती है।

अरुण जेटली ने कहा कि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 2 लाख रुपए से अधिक के डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर मार्जिनल डिस्काउंट चार्जेस (MDR) तय करने पर काम कर रहा है। वित्त मंत्री ने राज्य सभा में बताया कि इस पर आरबीआई फैसला लेगी, इस पर काम प्रगति पर है। मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि डिजिटल ट्रांजैक्शन का वॉल्यूम बढ़ेगा, उसके साथ ही चार्जेस भी कम होंगे।
जेटली ने कहा कि पेमेंट्स एंड सेटलमेंट एक्ट के तहत आरबीआई ने 1000 रुपए के कैश ट्रांजैक्शन पर एमडीआर 0.25 फीसदी तय किया है, जबकि 2000 रुपए तक के ट्रांजैक्शन पर यह 0.50 प्रतिशत तय किया गया है। उन्होंने कहा कि 2000 रुपए से अधिक के ट्रांजैक्शन पर चार्ज तय करने का कार्य चल रहा है और यह जल्द ही पूरा होगा।
जेटली ने यह भी कहा कि पेट्रोल पंप पर डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर लगने वाला शुल्क ऑयल कंपनियों द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि ट्रेन टिकट के लिए डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर लगने वाले शुल्क को सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी ही डिजिटल ट्रांजैक्शन को सस्ता बना सकती है और यह उम्मीद है कि ज्यादा लोग इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। सरकार ने अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को भी डिजिटल मनी का उपयोग करने के लिए कहा है।


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