टीएमसी चिटफंड घोटालों में अपने सांसदो की गिरफ्तारी से बेहद नाराज है इसलिए वह बजट सत्र का बहिष्कार कर रही है। इतना ही नहीं टीएमसी बजट सत्र से पहले बुलाई गई ऑल पार्टी मीटिंग में भी नहीं आई।
संसद के बजट सत्र से पहले सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात का आग्रह किया गया ताकि बजट से पहले सदन में सुचारु काम काज का रास्ता बन सके।
सर्वदलीय बैठक सुबह 11.30 बजे पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में बुलायी गयी है, वहीं लोकसभा अध्यक्ष ने रात्रिभोज पर शाम 7 बजे बैठक बुलायी है। सरकार द्वारा बुलाई गयी बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। 31 जनवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण देंगे। इस बार केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाना निर्धारित है और इसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण को भी सदन के पटल पर रखा जा सकता है। वहीं बंगाल की सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बजट सत्र में आने से मना कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इसके पीछे अलग ही दलील दी है। ओ ब्रायन ने कहा कि बजट के दिन सरस्वती पूजा है और ये बंगाल का एक बड़ा त्यौहार है इसलिए उनकी पार्टी बजट सत्र में हिस्सा नहीं ले सकती है। वहीं टीएमसी ने बजट सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से भी किनारा कर लिया है, टीएमसी ने कहा कि वह सर्वदलीय बैठक में इसलिए नहीं शामिल हो सकी क्योंकि उसी दिन सीएम ममता बनर्जी ने पार्टी की मीटिंग बुलाई है। वहीं ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि पार्टी चिटफंड घोटालों में अपने सांसदो की गिरफ्तारी से बेहद नाराज है इसलिए वह बजट सत्र का बहिष्कार कर रही है। इतना ही नहीं टीएमसी बजट सत्र से पहले बुलाई गई ऑल पार्टी मीटिंग में भी नहीं आई। इसके लिए भी पार्टी ने अलग बहाना बना दिया। पार्टी का कहना है कि इसी दिन सीएम ममता बनर्जी ने पार्टी मीटिंग बुलाई जिस वजह से उनकी पार्टी सर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं ले सकती है। बजट सत्र का पहला हिस्सा 9 फरवरी तक होगा क्योंकि इस दौरान उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्र का दूसरा हिस्सा 9 मार्च से शुरू होगा और 12 अप्रैल तक चलेगा। आपको बता दें कि कि इस महीने की शुरुआत में 16 राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से आग्रह किया था कि वह सरकार से चुनाव के बाद केंद्रीय बजट पेश करने के लिए कहे ताकि इसका उपयोग पांच राज्यों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जा सके, जहां चुनाव होने हैं। जिसके बाद चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले आम बजट में उन पांच राज्यों के बारे में कोई विशेष घोषणा न की जाए, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। आयोग ने 1 फरवरी को बजट पेश किए जाने की मंजूरी दे दी है।
सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक
TMC ने बजट सत्र से किया किनारा
सांसदो की गिरफ्तारी से नाराज है TMC
दो हिस्सों में होगा बजट सत्र
चुनाव आयोग का निर्देश


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