2016 में देश भर में नोटबंदी के बाद कई तरह की अफवाह फैलीं, हालांकि साल खत्म होते-होते लोगों को पता चल गया कि नए नोट और नोटबंदी की लेकर फैली अफवाहों में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है।
साल 2016 खत्म होने को है और इस साल की सबसे बड़ी खबर नोटबंदी। 1000 और 500 रुपए के नोट बंद होने के बाद देश में हर जगह लोग पुराने नोट एक्सचेंज कर रहे हैं, नोटबंदी के फैसले से जहां लोग खुश हैं वहीं कुछ लोग पैसे ना मिलने के कारण परेशान हैं और इस स्कीम की आलोचना कर रहे है। इस बीच देश भर में नोटबंदी के बाद कई तरह की अफवाह फैलीं, हालांकि इन अफवाहों को बाद में सरकार ने खारिज किया। आगे पढ़ें नोटबंदी के बाद की सबसे बड़ी अफवाहें...
क्या बंद हो जाएंगे 100 और 50 रुपए के नोट ?
1000-500 के नोट बंद होने के बाद लोगों के बीच अफवाह है कि जल्द ही सरकार 100 और 50 रुपए के नोट बंद कर सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह महज एक अफवाह है। सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है कि 100 और 50 रुपए के नोट बदले जाएं।
क्या बैंक लॉकर सील होंगे ?
नोटबंदी के बाद एक और अफवाह फैल रही है कि सरकार जल्द ही बैंक लॉकर सील करके ज्वैलरी जब्त कर लेगी। वहीं सरकार ने इस मामले में स्पष्ट किया है ऐसी बाते पूरी तरह से निराधार हैं और सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं कि वह बैंक लॉकर सील करके ज्वैलरी जब्द कर।
रंग छोड़ता है 2000 रुपए का नया नोट
हाल ही में जब लोगों ने 2000 रुपए के नोट अपने हाथ में लिए तो उन्होंने सबसे पहले उसके साथ सेल्फ खींची और फिर कुछ लोगों ने 2000 रुपए के नोट का वॉटर टेस्ट किया। लोगों को शंका थी कि 2000 रुपए का नोट रंग छोड़ता है इसके लिए उन्होंने नल के नीचे 2000 रुपए के नोट को धुला, फिर नोट को पानी में काफी देर तक भिगा कर देखा लेकिन नोट की क्वालिटी पर कोई फर्क नहीं पड़ा साथ ही नोट ने रंग भी नहीं छोड़ा। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि 2000 रुपए का नोट रंग नहीं छोड़ता है।
नोट में जीपीएस माइक्रो चिप
2000 रुपए के नए नोट को लेकर एक और अफवाह फैली कि नोट में जीपीएस माइक्रो चिप लगी हुई है। वहीं सरकार ने इस बारे में साफ किया है कि 2000 रुपए के नोट में किसी तरह की जीपीएस चिप नहीं लगी हुई है।
रेडियोएक्टिव स्याही
पिछले दिनों रेडियोएक्टिव स्याही को लेकर तमाम तरह की खबरें आई थीं जिसमें सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दावा किया था कि नए नोटों पर रेडियोएक्टिव स्याही लगी थी जिससे आयकर विभाग के अधिकारी सही जगह पर सही समय पर छापा मार रहे हैं। बाद में इस बारे में खबरें आईं कि, 2000 रुपए के नोट पर रेडियोएक्टिव स्याही लगी है फिर भी उसके कण इतने सूक्ष्म हैं कि उसे किसी भी तरह के आधुनिक रेडियोएक्टिव सेंसर के जरिए खोजा नहीं जा सकता है। यहां तक की अगर नोटों की मात्रा बहुत ज्यादा है फिर भी ऐसे नोटों को ट्रेस नहीं कर सकते हैं। अब दोनों ही बातें अफवाह साबित हो गई हैं। नोट में ना तो किसी तरह की कोई रेडियोएक्टिव स्याही और ना ही किसी तरह की कोई चिप है। आयकर विभाग अपने पुराने तरीकों से ही जालसाजों को दबोच रहा है।
नोटबंदी की खबर पहले लीक हो गई थी
कुछ लोग सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं कि नोटबंदी की सूचना पहले ही लीक हो गई थी जिससे कुछ लोगों ने पहले ही अपना कालाधन ठिकाने लगा दिया है। वहीं सरकार और आरबीआई ने साफ किया है कि इस तरह की सूचना गलत इरादे से फैलाई जा रही है और नोटबंदी की सूचना लीक होने की खबर पूरी तरह से अफवाह है।
नोट बदलने का खर्च ज्यादा है
ऐसा बताया जा रहा है कि नए नोट को छापने और वितरित करने का खर्च बहुत ज्यादा है जिससे नए नोट लाना सही नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है नए नोट लाने का खर्च ज्यादा नहीं है। सरकार ने तर्क दिया है कि काले धन से सबसे ज्यादा आम आदमी ही परेशान है।


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