कारोबार जगत में सबसे बड़ी घटना नोटबंदी की रही, इसके अलावा नए गवर्नर का चुनाव और जीएसटी बिल को पास कराने को लेकर सरकार के प्रयास लगातार सुर्खियों में बने रहें।
साल 2016 में देश में तमाम बड़ी घटानाएं हुईं। कारोबार, बिजनेस जगत की बात करें तो यह साल कारोबार जगत के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं रहा है। कारोबार जगत में सबसे बड़ी घटना नोटबंदी की रही, इसके अलावा नए गवर्नर का चुनाव और जीएसटी बिल को पास कराने को लेकर सरकार के प्रयास लगातार सुर्खियों में बने रहें।
जीएसटी
साल 2016 की शुरुआत जीएसटी पर बहस से शुरु हुई। सरकार को जीएसटी पास कराने को लेकर तमाम कोशिशें करनी पड़ीं। हालांकि साल खत्म होते-होते सरकार राज्यसभा में जीएसटी पास कराने में सफल रही। हालांकि जीएसटी को पास कराने के अलावा राज्यों को भी जीएसटी पास कराना होता है। इसमें 50 फीसदी से अधिक राज्यों की सहमति होनी जरूरी है। 16 राज्यों ने जीएसटी बिल को विधानसभा में पास करा दिया जिसके बाद बिल को राष्ट्रपति को पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। सरकार इस लक्ष्य को लेकर चल रही है कि साल 2017 की फरवरी से जीएसटी लागू कर दिया जाएगा। सरकार ने जीएसटी के टैक्स स्लैब भी तय कर दिए हैं।
आरबीआई के गवर्नर
कारोबार जगत में आरबीआई गवर्नर की नियुक्ति भी विवादों से भरी रही। पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन की केंद्र सरकार से शुरु से ही कई बातों को लेकर असहमति थी। हालांकि इस असहमति के बाद भी दोनों के बीच किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया था। रघुराम राजन आरबीआई गवर्नर के तौर पर दूसरा कार्य भी पूरा करना चाहते थे और उन्होंने यह बात कही भी थी कि अधूरा काम छोड़कर नहीं जाना चाहते हैं। रघुराम राजन के आने के बाद आरबीआई गवर्नर के तौर पर उर्जित पटेल की नियुक्ति की गई है।
ईपीएफ ब्याज दर
कर्मचारी प्रोविडेंट फंड को लेकर सरकार को विवादों का सामना करना पड़ा था। केंद्र सरकार ने ईपीएफ टैक्स का का प्रस्ताव दिया था जिसमें EPF के 60% हिस्से पर सरकार ने टैक्स लगाने का प्रावधान दिया था। इस प्रस्ताव का विरोध पूरे देश में एक स्वर में हुआ जिसके बाद इसे वापस ले लिया गया। वहीं साल के अंत में पीएफ ब्याज दर तय करने पर भी सरकार को आलोचना झेलनी पड़ी सरकार ने 8.8 फीसदी की ब्याज दर को घटाकर 8.65% कर दिया है।
जियो सिम
जियो सिम का एलान एक तूफान के आने के जैसा था। जिस दिन जियो सिम लॉन्च हुआ उसके बाद से देश में लोग जियो सिम लेने के लिए उतावले से हो गए। मुकेश अंबानी की कंपनी ने जियो की पूरी तरह से फ्री सर्विस लॉन्च की है। इस सर्विस से प्रतिस्पर्धी कंपनियां चौंक गईं। जियो की लॉन्चिंग के बाद तमाम अन्य टेलीकॉम कंपनियों ने अपने टैरिफ शुल्क में 60 फीसदी से ज्यादा की कटौती की। साथ ही बीएसएनल ने फ्री कॉलिंग की सुविधा दी है।
नोटबंदी (विमुद्रीकरण)
नोटबंदी की घटना 2016 में देश में हुई सभी घटनाओं पर भारी पड़ीं। 8 नवंबर 2016 की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 रुपए और 500 रुपए के नोट पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की थी। इस घटना के बाद से देश का माहौल ही पूरी तरह से बदल दिया। खाली पड़े बैंक और सूने पड़े एटीएम पर सैकड़ो हजारों लोगों की भीड़ दिखने लगी। तमाम लोग अपने पुराने नोट तय समय के अंदर बदलवाने के लिए बैंकों में जाने लगे। देश के तमाम लोग इस फैसले से समत दिखे वहीं कुछ लोगों ने इसे जल्दबाजी में लिया फैसला बताया। कुल मिलाकर देखा जाए तो नोटबंदी की घटना से देश के अंतिम व्यक्ति तक को फर्क पड़ा और यह फैसला बहुत बड़ा फैसला साबित हुआ।
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