हाल ही में भारत में नोटबंदी के बाद अब पाकिस्तान ने भारत की नकल करते हुए अपने देश में नोटबंदी का प्रस्ताव लागू किया है।
पाकिस्तान भले ही भारत को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता हो लेकिन भारत की खूबियों को वह भी नजरअंदाज नहीं कर पाता है। हाल ही भी भारत में 500 और 1000 रुपए के नोट नोटों को केंद्र की मोदी सरकार ने बंद कर दिया है। नोटबंदी के फैसले के बाद से देश में कालाधन रखने वालों में खलबली मची हुई है। अब पाकिस्तान भी अपने देश में भ्रष्टाचार और कालेधन पर लगाम लगाने के लिए 5000 रुपए का नोट बंद करने जा रहा है।
नोटबंदी का प्रस्ताव हुआ पारित
पाकिस्तान के उच्च सदन में हाल ही में प्रस्ताव पारित हुआ है कि देश में 5000 रुपए की करेंसी को बंद कर दिया जाए। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार और कालेधन पर लगाम लगाना है। भारत में जब से नोटबंदी हुई थी तब से पाकिस्तान में भी इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई थी पाकिस्तान में भी बड़े नोटों को बंद कर देना चाहिए।
पाक मीडिया ने की थी पीएम मोदी की तारीफ
पाकिस्तान का मीडिया भी लगातार बड़े नोट बंद करने की वकालत कर रहा था साथ ही पीएम मोदी के इस कदम की सराहना भी कर रहा था। नोटबंदी के पीछ पाकिस्तान का क्या मकसद है इसके बारे में आगे पढ़ें।
नोटबंदी के प्रस्ताव को मिला भारी समर्थन
पाकिस्तान की संसद में लाए गए इस प्रस्ताव में कहा गया कि 5000 रुपए की करेंसी को बंद करने से बैंक अकाउंट्स के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और देश में अघोषित आय में कमी होगी। पाकिस्तानी संसद में मुस्लिम लीग के सांसद सैफुल्लाह खान नोटबंदी के प्रस्ताव को उच्च सदन में रखा जिसे पाकिस्तानी सांसदों का भारी समर्थन मिला। आगे पढ़े कितने दिन बाद लागू होगी नोटबंदी।
3-5 साल में बदले जाएंगे नोट
पाकिस्तान ने नोटबंदी का प्रस्ताव लागू किया है लेकिन यह प्रस्ताव बेहद कमजोर है। भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद देश में कालाधन रखने वालों को कोई मौका नहीं मिला था जबकि पाकिस्तान में इसके लिए बाकायदा 3 से 5 साल का वक्त दिया जा रहा है। इससे कालाधन रखने वाले लोगों को अपने पैसे बदलने का वक्त मिल जाएगा।
उठे विरोध के स्वर
वहीं पाकिस्तान के ही एक सांसद और कानून मंत्री जाहिद हामिद ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है और कहा है कि नोटबंदी के फैसले से पाकिस्तान में करेंसी का संकट पैदा हो जाएगा और लोग विदेश मुद्रा का इस्तेमाल करने लगेंगे।


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