टाटा इंडस्ट्रीज की ईजीएम की मीटिंग में साइरस मिस्त्री को टाटा इंडस्ट्री के डायरेक्टर पद से हटाने का निर्णय लिया गया। अब जब तक अगला चेयरमैन नहीं चुना जाता तब तक कंपनी की कमान रतन टाटा संभालेंगे।
टाटा बना साइरस मिस्त्री विवाद में एक बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को टाटा इंडस्ट्रीज की ईजीएम की मीटिंग में साइरस मिस्त्री को टाटा इंडस्ट्री के डायरेक्टर पद से हटाने का निर्णय लिया गया। इस फैसल के बाद से दोनों के बीच तनाव और भी बढ़ गया है। आपको बता दें कि साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से पहले ही हटाया जा चुका है अब कंपनी के चेयरपर्सन के तौर पर भी उनसे सारे अधिकार छीन लिए गए हैं।
हटाए गए साइरस मिस्त्री
टाटा इंडस्ट्रीज की सोमवार 12 दिसंबर 2016 को हुई ईजीएम की मीटिंग में कंपनी के निदेशक मंडल से साइरस मिस्त्री को हटा दिया गया। इसीलिए वह कंपनी के चेयरमैन भी नहीं रहे। मिस्त्री को नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाली 103 अरब डॉलर की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन पद से इस वर्ष 24 अक्टूबर को हटा दिया गया।
रतन टाटा ने मजबूत की अपनी स्थिति
अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों से मिस्त्री को हटाने के लिये कदम उठाया है। पूरे दिसंबर में टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों की ईजीएम प्रस्तावित है जिसमें मिस्त्री को संबंधित कंपनियों के निदेशक मंडल से हटाने के टाटा संस के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
ये थे मीटिंग में शामिल सदस्य
ईजीएम के बाद टाटा इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल में केआरएस जामवाल, आर भींगे, इरेना विट्ठल, आशीष धवन, एन श्रीनाथ और एफ एन सुबेदार शामिल हैं। टाटा इंडस्ट्रीज टाटा संस की अनुषांगी कंपनी है। टाटा मोटर्स, टाटा पावर, टाटा स्टील समेत टाटा की कई कंपनियों की टाटा इंडस्ट्रीज में हिस्सेदारी है। टाटा इंडस्ट्रीज की मुख्य गतिविधियां वृद्धि को सुगम बनाने के लिये टाटा के नए कारोबार में प्रवेश तथा परिचालन कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देना है।
साइरस पर लगे गंभीर आरोप
आपको बता दें कि टाटा संस ने मिस्त्री को बोर्ड से हटाने के लिए टाटा ग्रुप कंपनीज़ के शेयरहोल्डर्स से अपील की थी, उनका तर्क था कि साइरस की बतौर डायरेक्टर मौजूदगी 'टाटा ग्रुप के टुकड़े-टुकड़े कर सकती है।' देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा समूह ने निदेशक मंडल में मचे घमासान के बीच समूह की धारक कंपनी टाटा संस ने रविवार को आरोप लगाया कि साइरस मिस्त्री ने चेयरमैन बनने के लिए चयन समिति को 'ऊंचे-ऊंचे वादों से भ्रमित' किया और अपने अधिकारों का इस्तेमाल प्रबंधन ढांचे को कमजोर करने के लिए किया।
रतन टाटा ने संभाला कार्यभार
अक्टूबर में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। लेकिन वे टाटा ग्रुप की ही कुछ कंपनियों के बोर्ड में शामिल रहे। वैसे बता दें कि रतन टाटा ने एक निश्चित समय सीमा के लिए (जब तक कि अगला चेयरमैन नहीं चुन लिया जाता) कार्यभार संभाल लिया है।


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