ऐसी रिपोर्टें हैं कि लोग अपने कालेधन को सफेद करने के लिए दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सरकार ने जनधन खाता धारकों, गृहिणियों और कारीगरों को आगाह किया कि वे अपने खातों का इस्तेमाल अघोषित राशि जमा कराने के लिए नहीं होने दें। सरकार का कहना है कि जनधन खातों का दुरुपयोग पाये जाने पर खाताधारक के खिलाफ आयकर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी है और खाताधारकों को सचेत रहने को कहा है। साथ ही कहा है कि अगर कोई व्यक्ति अपने खाते में दूसरे का पैसा जमा करता हुआ पाया जाता है तो ऐसे लोगों को सात साल तक की सजा हो सकती है।
हेराफेरी करने वाले बच नहीं पाएंगे
दूसरों के अकाउंट में अपना कालाधन करने वाले अब सरकार की पकड़ से नहीं बच पाएंगे। इनकम टैक्स विभाग ने ऐसे लोगों को चेताया है कि अगर ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो उसे सात साल तक की सजा हो सकती है। आईटी विभाग ने कहा कि अगर कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। अगर वह इसका दोषी पाया जाता है तो उसे जुर्माना और अधिकत्तम सात साल की सजा हो सकती है।
आयकर विभाग ने दी चेतावनी
दूसरों के अकाउंट में अपना कालाधन करने वाले अब सरकार की पकड़ से नहीं बच पाएंगे। इनकम टैक्स विभाग ने ऐसे लोगों को चेताया है कि अगर ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो उसे सात साल तक की सजा हो सकती है।
बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट के तहत दर्ज होगा मामला
आईटी विभाग ने कहा कि अगर कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ बेनामी ट्रांजेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। अगर वह इसका दोषी पाया जाता है तो उसे जुर्माना और अधिकत्तम सात साल की सजा हो सकती है।
दूसरे के खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं लोग
उल्लेखनीय है कि सरकार ने नोटबंदी के तहत 500 और 1000 रुपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया है। सरकार ने पुराने नोटों को जमा कराने के लिए 30 दिसंबर तक 50 दिन का समय दिया है। ऐसी रिपोर्टें हैं कि लोग अपने कालेधन को सफेद करने के लिए दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
2.5 लाख रुपए तक के जमा पर कोई परेशानी नहीं होगी
खातों के इस तरह के दुरुपयोग के लिए खाताधारक को कमीशन आदि देने की भी खबरें आ रही हैं। सरकार ने इससे पहले कहा था कि बैंक खातों में 2.50 लाख रुपए तक की जमाओं की कोई आयकर जांच नहीं होगी क्योंकि यह तो करछूट के दायरे में आती है। वहीं जनधन खातों के मामले में यह सीमा 50,000 रुपए है।
आयकर विभाग का बयान
आयकर विभाग के अनुसार लोगों का शायद यह मानना है कि 9 नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान 2.50 लाख रुपए तक की जमाओं के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। मंत्रालय ने कहा है, 'अगर यह साबित हो जाता कि कि खाते में जमा राशि खाता धारक की नहीं थी और खाताधारक ने अपने खाते का दुरुपयोग करने की अनुमति दी है तो आयकर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी साथ ही जुर्माना भी लगेगा।'


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