इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा फिल्में भारत में ही बनती हैं। एक साल में विभिन्न भाषाओं को मिलाकर औसतन 1500 से लेकर 2000 तक फिल्में पूरे भारत में बनती हैं और रिलीज होती हैं। भारत में फिल्मों का कारोबार भी पिछले 10 वर्षों में बेहद तेजी से बढ़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय फिल्म उद्योग की कमाई 2020 तक 3.7 अरब डॉलर पहुंच जाएगी
3.7 अरब डॉलर तक पहुंचेगा कारोबार
भारत में तकरीबन 20 भाषा में फिल्में बनती हैं और ये अलग-अलग क्षेत्रों में अपना व्यापार करती हैं। पिछले कुछ वर्षों में 100 करोड़ और 300 करोड़ का क्लब किसी भी फिल्म के लिए सफलता का पैमाना बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व के मामले में फिल्म उद्योग की बॉक्स ऑफिस की कमाई अभी 2.1 अरब डॉलर है, जो 2020 तक 3.7 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।
यहां सुधारनी है चूक
हालांकि रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत में फिल्मों की शुद्ध कमाई अन्य देशों से कम रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे प्रमुख कारण हैं स्तरहीन बुनियादी ढांचे, औसत टिकट कीमत, फिल्म वितरण की जटिल प्रणाली, पायरेसी, नौकरशाही और कड़ी सेंसरशिप जैसे कारण हैं।
बॉक्स ऑफिस से 74 फीसदी कमाई
भारतीय फिल्म उद्योग की कमाई में प्रमुख योगदान घरेलू बॉक्स ऑफिस से होने वाली कमाई का है, जो कि कुल उद्योग का 74 फीसदी है। रिपोर्ट के मुताबिक केबल और सेटेलाइट अधिकार और ऑनलाइन/डिजिटल राजस्व तेजी से बढ़ते क्षेत्र हैं।
बॉलीवुड का दबदबा
अगर योगदान की बात करें तो यहां बॉलीवुड का दबदबा है। भारतीय फिल्म उद्योग में बॉलीवुड की कुल कमाई सबसे ज्यादा 43 फीसदी है इसके अलावा बाकियों का कुल मिलाकर योगदान 57 फीसदी है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय फिल्म उद्योग की बढ़त के प्रमुख कारणों में देश में बढ़ रही प्रति व्यक्ति आय और विकसित होता मध्यम वर्ग है। इसके साथ ही विजुअल इफेक्ट्स और बेहतरीन कहानियों के चलते भी कारोबार में फायदा हुआ है।


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