रिलायंस JIO ने फोन कॉल्स के बेहतर इंटरकनेक्शन की सुविधा मुहैया कराने के भारती AIRTEL के फैसले का रविवार को स्वागत किया। कंपनी ने लेकिन यह भी कहा कि इस तरह के पॉइंट्स की संख्या बढ़ाने का जो प्रस्ताव है, वह वास्तविक जरूरत से बहुत कम है। इससे बड़ी संख्या में होने वाले कॉल ड्रॉप के मुद्दे का समाधान नहीं निकल पाएगा।
एयरटेल ने JIO के दावे को खारिज किया
इंटरकनेक्शन वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए एक कंपनी के फोन से दूसरी कंपनी के फोन से बात होती है। AIRTEL ने इस पर जवाबी बयान जारी कर इसे झूठा ठहराया है। JIO ने एक बयान में कहा, "दोनों नेटवर्क्स के बीच मौजूदा कॉल्स का जो प्रवाह है और AIRTEL के पॉइंट्स संवर्धन का जो प्रस्ताव है, वह तब भी इंटरकनेक्शन क्षमता की जरूरत के एक-चौथाई से भी कम है।"
दो करोड़ कॉल ड्रॉप
हर दिन दोनों नेटवर्क के बीच दो करोड़ कॉल से अधिक कॉल नाकाम हो रहे हैं। यह सेवा की गुणवत्ता मानदंड बहुत पीछे है और यह अनुपात खतरनाक है। दोनों दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के उपभोक्ताओं के हित में तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है।
TRAI को करना पड़ा था हस्तक्षेप
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि AIRTEL को इंटरकनेक्शन के प्वाइंट्स बढ़ाने के लिए दूरसंचार नियामक प्राधिकरण का हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी जो कि लाइसेंस की शर्तो के अनुपालन के तहत कंपनी को इसे खुद करना है।
एयरटेल का बयान
यह बयान AIRTEL के बयान के एक दिन बाद आया है। AIRTEL ने कहा था कि उसे JIO की ओर से इंटरकनेक्शन का बकाया भुगतान मिल गया है। इसके बाद वह इस तरह के पॉइंट्स के संवर्धन के बाद उसकी कुल संख्या वर्तमान संख्या की तीन गुना हो जाएगी। यह भी कहा था कि यह क्षमता 1.5 करोड़ JIO के ग्राहकों की सेवा के लिए पर्याप्त होगी।
एयरटेल की साजिश !
JIO ने कहा है कि प्रतिद्वंद्वी कंपनी संभावित उपभोक्ता के मोबाइल नंबर की पोर्टेबिलिटी को रोक रही है, ताकि वे JIO के उपभोक्ता नहीं बनें। लेकिन दूसरे पक्ष ने कहा है कि सभी आग्रहों को दिशानिर्देश के मुताबिक प्रोसेस किया जा रहा है।


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