भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 3.513 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर अब 371.279 अरब डॉलर हो गया है। विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में यह अब तक का उच्चतम स्तर है। आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक यानि आरबीआई ने बीते 9 सितंबर 2016 को विदेशी मुंद्र भंडार के संबंध में आकंड़े जारी किए थे। इसके पहले हफ्ते यानि 9 सितंबर से पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 98.95 करोड़ डॉलर बढ़कर 367.76 अरब डॉलर हो गया था। मौजूदा दौर में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से इजाफा हो रहा है।
देखें पड़ोसी देशों की विदेशी मुद्रा भंडार
चार्ट में देखें भारत की तुलना में पाकिस्तान, चीन और श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार
तो इस लिए बढ़ रहा है देश का विदेशी मुद्रा भंडार
हाल ही में उर्जित पटेल ने आरबीआई की कमान संभाली है। पटेल ने अपने पूर्वर्ती गवर्नर रघुराम राजन की नीतियों में किसी तरह का कोई परिवर्तन नहीं किया है। रघुराम राजन की नीति भी विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने की थी। रघुराम राजन के तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान देश में विदेशी मुद्रा भंडार 92 अरब डॉलर तक बढ़ा था। जानकारों का मानना है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार इसी वजह से बढ़ रहा क्योंकि उर्जित पटेल ने रघुराम राजन की नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया है।
एक हफ्ते में 3.5 अरब डॉलर की बढ़ोत्तरी
केंद्रीय बैंक के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियां नौ सितंबर को सप्ताह में 3.509 अरब डॉलर बढ़कर 345.747 अरब डॉलर हो गईं। हालांकि, आलोच्य सप्ताह में स्वर्ण भंडार 21.64 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रहा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में देश का विशेष निकासी अधिकार भी 53 लाख डॉलर बढ़कर 1.493 अरब डॉलर हो गया, जबकि कोष में भारत की जमा स्थिति 13 लाख डॉलर की वृद्धि के साथ 2.395 अरब डॉलर हो गई है।


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