रिलायंस जियो ने जब से अपना सिम लॉन्च किया है उस दिन से जियो की कार्यप्रणाली और कार्यक्षमता का लोग अपनी तरह से अलग-अलग आंकलन कर रहे हैं। जियो को पहले दूसरी टेलीकॉम कंपनियों का विरोध झेलना पड़ा फिर स्पीड टेस्ट में उसके दावे उतने सही साबित नहीं हुए जितने के जाते हैं। ऐसे में जियो के लिए ये खबर राहत भरी हो सकती है कि जियो को फाइबर ब्रॉडबैंड की स्पीड और मोबाइल टावर के मामले में बेहतर स्थान मिला है।
बेहतर स्थिति में जियो और एयरटेल
रिलायंस जियो और एयरटेल, स्पेक्ट्रम, फाइबर नेटवर्क और मोबाइल टॉवर के मामले में दूरसंचार क्षेत्र में बेहतर स्थान पर है। ब्रोकरेज फर्म CLSA द्वारा एक विश्लेषण में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। CLSA के विश्लेषण में कहा गया, "हम मानते हैं कि भारती एयरटेल और रिलायंस जियो स्पेक्ट्रम के मामले में आगे हैं, साथ ही मोबाइल टॉवर, नेटवर्क और फाइबर नेटवर्क के माध्यम से रिलायंस जियो जनवरी 2017 से अपने उपभोक्ताओं को बनाए रखने में सफल रहेगी।"
बढ़ सकते हैं उपभोक्ता
इसमें कहा गया है कि हालांकि मेट्रो शहरों में ग्राहक 3जी और 4जी तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं, लेकिन इसकी पैठ अभी भी महज 20 फीसदी ही है, इसलिए इसमें विकास की काफी संभावना है।
जियो के डेटा बाजार का विस्तार होगा
इस विश्लेषण में आगे कहा गया, "आने वाले कुछ महीनों में, जियो के मुफ्त वायस और डेटा ऑफर से (दिसंबर तक) ग्राहकों को जोड़ने में सहारा मिलेगा, लेकिन इससे मोबाइल डेटा का उपयोग शुरू होगा तता डेटा बाजार का विस्तार होगा।"
6 फीसदी तक बढ़ सकते हैं ग्राहक
CLSA ने मोबाइल ग्राहकों की वृद्धि 6 फीसदी दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है और यह वित्त वर्ष 2016-18 तक 1.2 अरब हो जाएगी और कुल 91 फीसदी लोग इसका इस्तेमाल करेंगे, जबकि गांवों में 65 फीसदी लोग इसे अपनाएंगे।


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