देश भर के 4 करोड़ से अधिक EPF खाता धारकरों के लिए ये खुशी की खबर हो सकती है। मोदी सरकार मौजूदा वित्त वर्ष में कर्मचारी भविष्य निधि खाते पर मिलने वाले ब्याज को बढ़ाकर 8.6 फीसदी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय चाहता है कि श्रम मंत्रालय EPF पर ब्याज दर को अपने अधीन आने वाली अन्य छोटी बचत योजनाओं के हिसाब से रखे।

खुशी की खबर
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के चार करोड़ से अधिक अंशधारकों को मौजूदा वित्त वर्ष में अपनी Pf जमाओं पर 8.6 फीसदी की दर से ब्याज मिल सकता है। आपको बता दें कि EPFO ने 2015-16 के लिए EPF जमा रकम पर 8.8 फीसदी की दर से ब्याज दिया है जबकि वित्त मंत्रालय ने 8.7 फीसदी ब्याज दर की पुष्टि की थी।
बढ़ सकती है ब्याज दर
जानकार सूत्रों ने कहा, 'वित्त मंत्रालय चाहता है कि श्रम मंत्रालय EPF पर ब्याज दर को अपने अधीन आने वाली अन्य छोटी बचत योजनाओं के हिसाब से रखे। दोनों मंत्रालयों में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर 8.6 प्रतिशत पर रखने के लेकर सहमति है बन सकती है।' सूत्रों के मुताबिक EPFO ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आय अनुमानों पर काम नहीं किया है।
अभी पेंडिंग है योजना
EPFO का केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) आय अनुमान के आधार पर ही ब्याज दर के बारे में फैसला करता है। बोर्ड किसी वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर तय करता है इसे इसकी वित्त, ऑडिट व निवेश समिति की मंजूरी होती है। सीबीटी द्वारा तय ब्याज दर पर वित्त मंत्रालय की मुहर लगने के बाद ही इसे अधिसूचित किया जाता है।
छोटी योजनाओं के लिए 8.6 फीसदी ब्याज दर
सूत्रों ने कहा, 'वित्त मंत्रालय चाहता है कि PPF जैसी उसकी छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दर को घटाकर 8.6 फीसदी पर लाया जाए क्योंकि सरकारी प्रतिभूतियों व अन्य बचत पत्रों पर आय घट रही है।' उधर श्रमिक संगठनों की राय है कि वित्त मंत्रालय को CBT के फैसले का अतिक्रमण नहीं करना चाहिए क्योंकि ये EPF कमर्चारियों का पैसा है और उन्हें अपने कोष के निवेश से अर्जित आय से ही ब्याज मिलता है।


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