भारत की अर्थव्यवस्था की हालत मौजूदा दौर में चीन से बेहतर मानी जा रही है। पिछले कुछ दिनों मेंभारत में चीन के मुकाबले ज्यादा विदेशी निवेश हुआ है और संभावना है कि भविष्य में ये निवेश दुनिया में सर्वाधिक होगा। बात अगर विकास दर की करें तो इस दौरान चीन की विकास दर भारत से कम है।

भारत में भी विकास दर को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच उद्योग मंडल फिक्की ने वर्तमान वित्त वर्ष 2016-17 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जो बुधवार को जारी किए जाएंगे।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने एक बयान जारी कर कहा, "अनुमान है कि पहली तिमाही में जीडीपी की दर 7.6 फीसदी रहेगी। जबकि वर्तमान वित्त वर्ष में यह 7.8 फीसदी रहने का अनुमान है।"
फिक्की ने कहा कि उसने अपना नवीनतम सर्वेक्षण जुलाई और अगस्त के दौरान किया था, जिसमें प्रमुख अर्थशास्त्रियों, उद्योग, बैंकिंग और वित्तीय सेवा के विशेषज्ञों से बात की गई थी।
इसमें कहा गया, "साल 2016-17 के विकास दर में हल्का सुधार हुआ है। इस साल काफी अच्छा मॉनसून रहा है और हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ा है, जिससे जीडीपी बेहतर होने का अनुमान लगाया गया है।"
वहीं, सरकार ने जीडीपी दर वित्त वर्ष 2016-17 में आठ फीसदी होने का अनुमान लगाया है, जबकि 2015-16 में यह 7.6 फीसदी थी।


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