नई दिल्ली। भारतीय बैंकिंग के इतिहास में देश का सबसे बड़ा बड़ा विलय होने जा रहा है। ये विलय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य चार बैंकों के बीच होगा। इसमें स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रांवणकोर शामिल हैं। ये चारो बैंक भारतीय स्टेट बैंक के एसोसिएट बैंक हैं। आरबीआई और वित्त मंत्रालय ने इनके विलय को मंजूरी दे दी है।
इन बैंको के विलय के बाद 6 बदलाव देखने को मिलेंगे
SBI को जानेगी पूरी दुनिया
इस विलय के बाद SBI का नाम दुनिया के 50 बड़े बैंकों की सूची में शामिल हो जाएगा। ये उछाल एसबीआई के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
एसेट बेस में आएगा बंपर उछाल
इस विलय के बाद SBI का कुल एसेट बेस 37 लाख करोड़ की हो जाएगी। इस एसेट बेस के साथ SBI देश में दूसरे स्थान पर आ जाएगा।
ICICI और SBI में बढ़ जाएगा गैप
इस विलय के बाद SBI और ICICI बैंक के बीच गैप बढ़ जाएगा। ऐसेट बेस के लिहाज से SBI का ऐसेट बेस ICICI से करीब 4 से 5 गुना ज्यादा हो जाएगा। ICICI बैंक भारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बैंक है।
शेयर होल्डिंग पैटर्न
शेयर होल्डिंग पैटर्न के तहत SBI स्टेट बैंक ऑफ त्रांवाणकोर को 10 शेयर के बदले अपने 22 शेयर देगा वहीं स्टेट बैंक ऑफ मैसूर को भी 10 शेयर के बदले 22 देगा। जबकि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर और स्टेट बैंक ऑफ जयपुर को 10 शेयर बदले SBI के 28 शेयर मिलेंगे।
अन्य एसोसिएट बैंको पर भी नजर
इस बड़े विलय के बाद SBI की नजर अन्य एसोसिएट बैंको पर भी बनी रहेगी। SBI स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद पर भी नजर बनाए हुए है। भविष्य में इन बैंको का विलय भी SBI में हो सकता है।
विलय पर बाजार का रुख
देश के सबसे बड़े विलय पर शेयर बाजार का रुख खट्टा-मीठा सा रहा। स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के शेयरों में 10 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली जबकि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर और स्टेट बैंक ऑफ जयपुर के शेयरों में उछाल दिखा।


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