नई दिल्ली। पिछले साल 2015 के मई महीने में केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया था। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 में संशोधन करते हुए ये प्रावधान किया था कि पीएफ का अंशदान अनिवार्य रुप से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए ही किया जाए।

हालांकि ईपीएफओ ने एक लाख रुपए तक की राशि पर चेक से पैसा जमा करने की अनुमति दी थी और ये अनुमति 2015 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी गई थी साथ ही ये निर्देश भी दिया गया था कि जनवरी 2016 से पीएफ अंशदान की रकम सिर्फ इंटरनेट बैंकिंग के ही जरिए की जाए।
अब केंद्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब इस नियम को कड़ाई से लागू करने के मूड में दिख रहा है। EPFO ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वह नियोक्ता (एम्प्लायर, कंपनी) से सिर्फ इंटरनेट बैंकिग के जरिए ही पीएफ अंशदान स्वीकार करेगी। इस बाबत EPFO ने देशभर के अपने 120 फील्ड ऑफिसों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कंपनियां इंटरनेट बैंकिंक जरिए ही पीएफ की रकम जमा करें।
हालांकि विशेष मामलों चेक के जरिए पैसा जमा करने की अनुमति है। EPFO ने ये फैसला लेने का अधिकार फील्ड अधिकारियों पर छोड़ दिया है।
एक आंकड़े के मुताबिक जुलाई 2016 में 9576 करोड़ रुपए पीएफ अंशदान के रुप में मिले। इसमें से 477 करोड़ रुपए चेक से जमा किए गए हैं।


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