नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में अनुपालन विंडो की घोषणा की है, जो उन लोगों को राहत दे सकती है, जो सरकार के डर से कालाधन छिपाये हुए हैं। लोकसभा में आज आम बजट 2016-17 प्रस्तुत करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अनुपालन विंडो में 45 प्रतिशत कर का भुगतान कर अघोषित आय घोषित करने की योजना का प्रस्ताव रखा।

श्री जेटली ने अघोषित आय या परिसंपत्ति के रूप में प्रस्तुत आय घोषित करने के लिए घरेलू करदाताओं हेतु सीमित अवधि अनुपालन विंडो का प्रस्ताव किया। इसमें 30 प्रतिशत की दर से कर और 7.5 प्रतिशत की दर से अधिभार तथा 7.5 प्रतिशत की दर से दंड शामिल है, जो अघोषित आय का कुल 45 प्रतिशत होता है। आयकर अधिनियम अथवा संपत्ति कर अधिनियम के तहत इन विवरणों में घोषित आय के संबंध में कोई छान-बीन या जांच नहीं होगी और घोषणा करने वाला अभियोजन से मुक्त होगा। शर्तों के अधीन बेनामी लेन-देन (निषेध) अधिनियम 1988 से भी छूट देने का प्रस्ताव किया गया है।
अघोषित आय का 7.5 प्रतिशत की दर पर लगाए गए अधिभार को 'कृषि कल्याण अधिभार' कहा जाएगा, जिसका कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए उपयोग किया जाएगा। भारत सरकार की 1 जून से 30 सितंबर 2016 तक चलने वाली इस आय खुलासा योजना के तहत, घोषणा के दो महीने के अंदर देय राशि अदा करने के विकल्प के साथ नई विंडो खोलने की योजना है।
श्री जेटली ने भारत सरकार की अर्थव्यवस्था से कालाधन हटाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि एक बार छिपाई गई आय घोषित करने का अवसर देने के बाद वे कालाधन रखने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए समस्त संसाधन लगा देंगे।


Click it and Unblock the Notifications