पिछले एक साल में नरेंद्र मोदी की सरकार ने आर्थिक मजबूती के लिये तमाम कार्य किये, लेकिन जब भारतीय बाजार गिरा तो तमाम विशेषज्ञों ने ठीकरा चीन पर फोड़ दिया। सच पूछिए तो इस क्षेत्र में सरकार का ओवर कॉन्फीडेंस बाजार को ले डूबा।
सोमवार को जब सेंसेक्स 1624 अंक नीचे गिरा तो मिड कैप शेयर धड़ाम से गिरे। यह सब उस वक्त हुआ जब फार्मा कंपनियों के शेयर अच्छा कर रहे थे। एफएमसीजी के शेयर बहुत ज्यादा ऊपर थे और कई अन्य क्षेत्रों की कंपनियों के शेयर अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन ऐसा क्या हुआ जो अचानक दलाल स्ट्रीट में हाहाकार मच गया।
लालच के इस दौर में क्या-क्या हुआ चलिये देखते हैं-
1. शेयर बाजार में अगर सही ढंग से चलना है तो निचले स्तर के शेयर खरीदिये और जब वह शेयर ऊपर चले जायें तो उन्हें बेच दीजिये। लेकिन पिछले एक साल में जहां शेयर बाजार 28 हजार अंकों को छू रहा था, वहां निवेशकों ने हर स्तर पर शेयर खरीदे। जिनके दाम कम थे, उनसे बहुत ज्यादा की उम्मीद में और महंगे शेयर खरीद कर उससे भी ज्यादा कमाई करने का लालच साफ दिख रहा था।
2) पिछले एक साल में शेयर बाजार ने गगनचुंबी उछाल मारे, लेकिन उसका प्रभाव कॉर्पोरेट सेक्टर की रीयल ग्रोथ पर नहीं दिखा। शेयर का फायदा सिर्फ बाजार तक सीमित रह गया, उसका असर भारत के विकास पर नहीं पड़ा, जो कि हर कोई चाहता है। यह एक बड़ी चिंता का विषय भी है।
3) तिमाही परिणाम बहुत खराब थे। पिछली दो तिमाही में शेयर बाजार का प्रदर्शन अच्छा नहीं था। निवेशकों को यह महसूस होने लगा था कि बाजार सही दिशा में नहीं जा रहा है, लेकिन उसके बावजूद शेयर के दाम ऊपर ही चढ़ रहे थे। किसी ने इसे गहराई में जाकर चेक नहीं किया।
4) चीन शायद एक बहाना हो सकता है। वास्तव में तो भारतीय बाजार चमक तो रहे थे, लेकिन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे थे। चीन में गिरावट आयी, तो सभी ने सारा ठीकरा उस पर फोड़ दिया।
5) लोग सोचते हैं कि मोदी सरकार के पास कोई जादू की छड़ी है, जो घुमाते ही भारत सुपरपावर बन जायेगा। यही कारण है कि निवेशक दिन पर दिन लालची होते गये।
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कुल मिलाकर बात करें तो जब आपके पास पैसा होता है तो आप उसे निवेश करते हैं उनमें शेयर बाजार एक सर्वोत्तम जगह होती है, लेकिन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक आये और बड़ा निवेश कर गये, अब जब उन्होंने शेयर बेचने शुरू कर दिये तो घरेलू ग्राहक फंस गये। क्या अब आप निवेश करेंगे? यदि बाजार में 10 प्रतिशत भी गिरावट आये, तो भी उसी में निवेश करना ही समझदारी है। और हां बहुत जल्द सेंसेक्स 15 गुना ऊपर फिर से जायेगा, इसलिये निराश मत हों।
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