
सेंसेक्स कल 202.63 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसी प्रकार, नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 38.10 अंक या 0.75 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,092.85 अंक पर खुला। बैंकिंग, रीयल्टी तथा तेल एवं गैस समेत सभी क्षेत्रवार सूचकांकों में तेजी दर्ज की गयी।
कारोबारियों के अनुसार अमेरिकी बाजार में तेजी के बाद एशियाई बाजारों में मजबूत रूख के बीच निवेशकों की लिवाली से बाजार में तेजी आयी है। अमेरिका में ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि फेडरल रिजर्व अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये प्रोत्साहन उपायों की घोषणा कर सकता है।
गुरुवार को बाजार लाल निशान पर बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 202.63 अंक नीचे गिरकर 16677.88 पर बंद हुआ। निफ्टी 66.70 अंक नीचे गिरकर 5054.75 पर बंद हुआ। इस साल मई में महंगाई दर बढ़ने के आंकड़े के बाद घरेलू बाजार पर गिरावट के बादल छाए नज़र आए। उधर यूरोपीय बाजारों में गिरावट ने घरेलू बाजारों में भी गिरावट नज़र आई। रुपए में कमजोरी ने बाजार को कमजोर किया।
30 शेयरों वाले बीएसई इंडेक्स के जिन सेक्टर्स ने अच्छा परफॉर्म किया, उनमें आईटी (0.25), टेक्नॉलजी (0.04) के शेयर्स शामिल हैं, जबकि कंज्यूमर गुड्स (-2.89), बैंक (-2.94) और रियल्टी (-3.04) में गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा एनएससी के स्टॉक्स पर नज़र डालें तो इनमें से 40 शेयरों में गिरावट रही, जूकि 10 शेयरों में बढ़त का रुख रहा। इन्फोसिस लिमिटेड (1.15), एसीसी (0.83), सिप्ला (0.82), सेसागोवा (0.77) के स्टॉक्स टॉप पर रहे। जिन शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही, उनमें आईडीएफसी (-4.29), टाटा मोटर्स (-4.47), पीएनबी (-5.71) टॉप पर रहे। बाजार की इस गिरावट की सबसे ज्यादा मार मिडकैप शेयरों पर नज़र आई है।


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