नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी ने 12 मई को रात में 8 बजे देश को संबोधित करते हुए अर्थव्यवस्था के लिए एक पैकेज का ऐलान किया था। यह राहत पैकेज 20 लाख करोड़ रुपये का है। पीएम मोदी के अनुसार यह देश की जीडीपी के 10 फीसदी के बराबर है। अचानक घोषित हुए इस पैकेज पर देश और दुनिया के प्रमुख ब्रोकरेज हाउस को अचरज में डाल दिया है। सभी ने इसे इसे पैकेज नहीं महापैकेज बताया है। सभी प्रमुख ब्रोकरेज हाउस की राय है कि यह उम्मीद से बड़ा राहत पैकेज है। अब सभी को इस राहत पैकेज पर वित्त मंत्री के विवरण का इंतजार है, जो आज किसी भी वक्त जारी हो सकते हैं। इस आर्थिक पैकेज के ऐलान का ही असर है कि आज शेयर बाजार भारी तेजी के साथ खुला है।
आइये जानते हैं कि इन बड़े ब्रोकरेज हाउस की इस पैकेज के बारे में राय क्या है। इन ब्रोकरेज हाउस ने यह राय सीएनबीसी-आवाज पर व्यक्त की है।

सीएलएसए ने इस आर्थिक पैकेज पर कहा है कि एमएमई को टैक्स राहत मिल सकती है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और निवेश बढ़ाने पर फोकस होगा। वहीं सीएलएसए ने इस वित्तीय साल 1.50 प्रतिशत रेट कट की उम्मीद भी जताई है।
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने आर्थिक पैकेज पर कहा है कि यह पैकेज काफी बड़ा है। इससे एमएसएमई और कृषि सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा।
वहीं जेपी मोर्गन ने आर्थिक पैकेज पर कहा है कि यह पैकेज उम्मीद से बड़ा है, इसलिए अब इसके डिटेल्स का इंतजार है। इसमें लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ पर फोकस किया गया है।
गोल्डमैन साक्स के अनुसार सरकार ने उम्मीद से ज्यादा बड़े आर्थिक पैकेज का एलान किया है। इसमें लैंड और लेबर रिफॉर्म पर सरकार का फोकस दिखाई दे रहा है। वहीं निवेश बढ़ाने पर सरकार जोर दे रही है।
यूबीएस ने इस आर्थिक पैकेज पर कहा है कि भारत के पास ग्लोबल एक्सपोर्ट में हिस्सा बढ़ाने का मौका है। कंपनी ने एसएमई के फाइनेंसिंग के लिए पैकेज में बड़ा हिस्सा होने की उम्मीद जताई है।
सिटी ने इस आर्थिक पैकेज के ऐलान पर कहा है कि यह शेयर बाजार की उम्मीद से ज्यादा बड़ा पैकेज है। इस पैकेज से जीडीपी पर पर 3 से 4 प्रतिशत का वित्तीय असर संभव हो सकता है।
यह भी पढ़ें : PM Modi का मंत्र : 'लोकल के लिए बनें वोकल', जानें मतलब


Click it and Unblock the Notifications