UP : MSME के ल‍िए ल‍िस्‍ट बनाने में हो गया खेल, जानि‍ए पूरा मामला

उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) ने सरकार से प्राप्त प्रवासियों के स्‍क‍िल मैप‍िंग डेटाबेस में कई खामियों को चिह्नित किया है।

नई द‍िल्‍ली: उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) ने सरकार से प्राप्त प्रवासियों के स्‍क‍िल मैप‍िंग डेटाबेस में कई खामियों को चिह्नित किया है। जी हां एमएसएमई के ल‍िए ल‍िस्‍ट बनाने में एक तरह का खेल हो गया, ज‍िसकी जानकारी म‍िली है। ल‍िस्‍ट के मुताबिक कौशल और श्रमिकों की स्‍किल से व‍िल्‍कुल व‍िपरीत है। इसके साथ ही कॉन्टैक्ट की भी गलत जानकारी दी गयी है। आपको बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार इच्छुक श्रमिकों और फर्मों की जरूरतों के बीच एक कड़ी चुनौती बनी हुई है। इतना ही नहीं इसके बाद भी जिन प्रवासियों को बुलाया गया था, वे बहुत से लोग काम करने में रुचि नहीं रखते है। एमएसएमई विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि एमएसएमई को एक केंद्रीकृत सूची दी गई है जो उनके मुद्दों को संबोधित करेगी।

UP MSMEs Loopholes In Skill Mapping Database Of Migrants

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे ज‍िसके तहत इस बात की जानकारी दी गई थी कि एक साल में प्रवासियों को 300,000 नौकरियां प्रदान की जाएगी। जानकारी के मुताब‍िक कई परिचालन मुद्दों के कारण आईआईए ने अब राज्य के एमएसएमई विभाग को पत्र के जर‍िए सुचित किया है।

वहीं अधिकारियों ने कहा कि जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) द्वारा उन्हें प्रदान किया गया डेटा उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि कौशल को सही ढंग से मैप नहीं किया गया था। उदाहरण के लिए निर्माण कार्य में कौशल रखने वाला एक इलेक्ट्रीशियन के रूप में सूचीबद्ध किया जा रहा है। वहीं दूसरी प्रत्येक जिले के अधिकारियों को केवल उस जिले में उपलब्ध प्रवासियों की सूची दी गई थी। इसलिए उस जिले में इकाइयों द्वारा आवश्यक कौशल नहीं होने से प्रवासियों के उस सेट की समस्या उत्पन्न हो गई। म‍िली जानकारी के अनुसार आईआईए प्रवक्ता ने बताया कि यदि एक केंद्रीकृत सूची इकाइयों बनाया जाए तो पूरे राज्य भर के मजदूरों को संपर्क में लाने में मदद करेगी जो आवश्यक कौशल से मेल खाते हैं।

यूपी को देश भर से तीन मिलियन से अधिक प्रवासी कामगार मिले। एमएसएमई जो आईआईए का हिस्सा हैं, ने कहा कि कई मामलों में सूचीबद्ध संपर्क नंबर गलत थे या गाँव के प्रधान जैसे अन्य लोगों के थे। उन्होंने कहा कि सैकड़ों श्रमिकों से संपर्क किया गया जिन्होंने काम करने में रुचि नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा कि लगभग 4000 श्रमिकों को भी एमएसएमई द्वारा नियोजित किया गया है और संगठन अगले एक महीने में लगभग 50,000 ऐसे श्रमिकों को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है।

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