Success Story : दो दोस्तों ने बनाया मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, छोटे कारोबारियों को हो रहा फायदा, खुद कमा रहे लाखों

नई दिल्ली, नवंबर 7। कुछ लोग ऐसा बिजनेस शुरू करते हैं, जिससे सिर्फ उन्हें ही फायदा होता है। पर कुछ लोग ऐसे बिजनेस में आगे बढ़ते हैं, जिससे दूसरे हजारों लाखों लोग भी फायदा ले सकते हैं। कुछ ऐसा ही किया त्रिलोचन परिदा और उनकी दोस्त दिव्या मलिक ने। इन दो दोस्तों ने मिल कर एक शानदार ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बनाया। इससे ये खुद तो लाखों रु कमा ही रहे हैं, साथ ही दूसरों को भी फायदा मिल रहा है।

लॉन्च किया अपना सॉफ्टवेयर

लॉन्च किया अपना सॉफ्टवेयर

त्रिलोचन शिल्पकारों को अपना डिजिटल ब्रांड बनाने और सीधे प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन बेचने में मदद करना चाहते थे। इसी टार्गेट के मद्देनजर फरवरी 2021 में उन्होंने एक सॉफ्टवेयर-ए-ए-सर्विस (सास) प्लेटफॉर्म टाइपोफ लॉन्च किया। योरस्टोरी की रिपोर्ट क अनुसार त्रिलोचन ओडिशा से हैं। उनके अनुसार स्थानीय कारीगर अपने उत्पादों को उनके ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए बेचते हैं। इन प्लेटफार्मों पर ऑनबोर्डिंग शुल्क से त्रिलोचन को इनकम होती है।

कोरोना काल में ग्रोथ

कोरोना काल में ग्रोथ

कोरोना काल में बिजनेसों और ग्राहकों को ऑनलाइन लाकर कारीगरों को बिक्री बढ़ाने के लिए एक अच्छी डिजिटल रणनीति की आवश्यकता थी। ई-कॉमर्स को सस्ता और उपयोग करने में आसान बनाने के लिए त्रिलोचन ने दिव्या मलिक के साथ मिलकर भुवनेश्वर स्थित टाइपोफ लॉन्च किया। दिव्या टाइपोफ की सह-संस्थापक हैं। इस स्टार्टअप का मकसद कारीगरों के लिए शॉपिफाई जैसा एक्सपीरियंस ऑफर करना है। यहां उपयोगकर्ता ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट बना सकते हैं और मिनटों में अपने प्रोडक्ट की सेल शुरू कर सकते हैं।

खुद बना सकते हैं अपनी वेबसाइट

खुद बना सकते हैं अपनी वेबसाइट

त्रिलोचन कहते हैं कि इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करना बहुत ही सरल है। यहां कारीगर अपनी वेबसाइट बना सकते हैं और तीन मिनट के भीतर अपना ऑनलाइन स्टोर तैयार कर सकते हैं और सीधे ग्राहकों को प्रोडक्ट बेचना शुरू कर सकते हैं। सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म में कई वेबसाइट टेम्प्लेट शामिल हैं। टाइपोफ यूजर्स को एक कस्टम डोमेन और सभी आवश्यक ई-कॉमर्स टूल जैसे इंटीग्रेटेड पेमेंट गेट, लॉजिस्टिक्स विकल्प भी ऑफर करता है।

कितने कारीगर जुड़े

कितने कारीगर जुड़े

अब तक टाइपोफ से 450 से ज्यादा कारीगर और दुकानदार जुड़ चुके हैं। इन कारीगरों की अच्छी कमाई हो ही रही है। त्रिलोचन और दिव्या भी काफी पैसा कमा पा रहे हैं। बता दें कि बीते सिर्फ तीन महीने में दोनों ने 6 लाख रु कमाए हैं। दिव्या के अनुसार स्टार्टअप का मुख्य उद्देश्य कारीगरों के लिए सेल्स सुनिश्चित करना है। टाइपोफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विक्रेताओं को अपने सामानों की मार्केटिंग करने में मदद करता है। इसके लिए यह सभी आवश्यक मार्केटिंग टूल ऑफर करता है। यह बिक्री रिकॉर्ड ट्रैक करने में मदद करने के लिए एक डैशबोर्ड भी ऑफर करता है।

लाइव वीडियो शॉपिंग टूल

लाइव वीडियो शॉपिंग टूल

इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिएटर्स ग्राहकों से जुड़ सकते हैं। इसके लिए लाइव वीडियो शॉपिंग टूल भी मिलता है। ये आइडिया दिव्या के अनुभव से आया है। दरअसल दिव्या का एक संबलपुरी साड़ी का बिजनेस भी है। कोरोना के दौरान यूजर्स को इन-स्टोर एक्सपीरियंस दे पाना कठिन हो गया। इधर नकली संबलपुरी साड़ियों की बिक्री के भी उदाहरण सामने आए। इससे ग्राहक विश्वास नहीं बना सके। इस समस्या को हल करने के लिए ज़ूम वीडियो कॉल पर उत्पाद दिखाई जाती थी। इसी को बाद में टाइपोफ में शामिल किया गया।

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