Success Story: एक समय ऐसा भी जब इन्हें गरीबी और आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई छोड़नी पड़ गई थी. लेकिन आज ये बड़े और सफल बिजनेसमैन बन चुके हैं. इनका ये सफर आसान नहीं रहा. चलिए इनके सफलता की पूरी कहानी जानते हैं.

हम बात करे रहे हैं, अमर शर्मा के बारे में. अमर शर्मा फिरोजाबाद के दौलतपुर गांव में रहते हैं. बचपन में उन्हें आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी. वे रिश्तेदारों के वहां जाकर कांच और मूर्ती बनाने का काम सीखा करते थे. इस स्किल से आज वे बड़े बिजनेस मैन बन चुके हैं.
काम सीखने के बाद अमर ने खुद का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा. आज उन्हें लाखों ऑर्डर मिलते है. अमर कभी हर महीने तीन हजार रुपये कमाया करता था. आज उनकी हर महीन सैलरी 50 हजार से भी ज्यादा है.
हाईस्कूल तक की पढ़ाई के बाद कांच का काम
20 साल तक सीखा था काम
अमर 20 सालों से कांच बनाने का काम सीख रहे हैं. उन्होंने अपने रिश्तेदार के घर जाकर हैंडीक्राफ्ट आइटम तैयार करने का काम सीखा था. वे स्कूल जाने की जगह यहीं काम सीखते थे. इसमें उन्हें कुछ पैसे भी मिल जाते थें. इन पैसों से वे अपने परिवार की आर्थिक रूप से मदद करते थे.
इसलिए अमर ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाएं. अमर ने बस हाईस्कूल तक ही पढ़ाई की है. अमर ने थोड़ा-थोड़ा कर पैसे जोड़े और अपने बिजनेस की शुरूआत की.
अमर का सफर आसान नहीं रहा. शुरुआत में उन्हें काफी दिक्कत आती थी. क्योंकि लोग उन्हें जानते नहीं थे. इसलिए उन्हें इतने ज्यादा ऑडर भी नहीं मिल पाते थे. लेकिन धीरे-धीरे उनके काम को पंसद किया गया. अब उन्हें देश के तमाम क्षेत्रों से ऑडर आते है. वे आज अपने बिजनेस से मोटी कमाई कर रहे हैं.
क्या है उनका बिजनेस ?
अमर हैंडिक्राफ्ट का काम करते थे. वे कांच से कई तरह की सुंदर मूर्तियां बना सकते हैं. जैसे राधा-कृष्ण, लक्ष्मी गणेश और राम दरबार बनाते हैं, लोग अपनी पसंद के हिसाब से अमर को अपनी मांग बताते है और वे उस हिसाब से कांच की मूर्तियां बनाकर तैयार कर देता है. अमर आज दिल्ली, महाराष्ट्र, अयोध्या और मधुरा जैसे तमाम जगहों पर ऑर्डर भेजते हैं.


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