ये है कामयाबी : महिला ने जेवर गिरवी रख कर शुरू किया Business, अब है लाखों में कमाई
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Edible Cups Business : एक खाने वाले कप (जिसे आप चाय पीने के बाद खा सकें) में चाय या कॉफी पीने का आइडिया ही काफी आकर्षक है। हालांकि खाए जाने वाले कप का आइडिया अब कोई नया नहीं रह गया है। यह उन प्रोडक्ट में से एक है, जिनमें प्लास्टिक के खतरे को रोकने में मदद करने की क्षमता है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि इन्हें कैसे बनाया जाता है? इसी तरह के कप का बिजनेस करने वाली आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रेसापुवानीपलेम की टी जयलक्ष्मी कहती हैं कि ऐसे कप बनाने के लिए अलग-अलग फॉर्मूलेशन और सामग्री का उपयोग किया जाता है। लेकिन वे सभी हेल्दी नहीं हैं। फिर जयलक्ष्मी ने ऐसा क्या किया कि वे हेल्दी खाने लायक कप बना रही हैं और लाखों कमा रही हैं? आगे जानिए।

इन चीजों का करती हैं इस्तेमाल

इन चीजों का करती हैं इस्तेमाल

जयलक्ष्मी पहले शिक्षिका थीं। बाद में वे उद्यमी बनीं। अब वे खाने योग्य कप बना रही हैं, लेकिन उनमें एक हेल्दी फैक्टर भी है। वह मैन सामग्री के रूप में रागी और चावल के आटे का उपयोग करती हैं। उनके अनुसार कपों के लिए सही फॉर्मूला निकालने में उन्हें लगभग दो महीने लगे। पर वे इस बात पर खास ध्यान दे रही थीं कि सामान हेल्दी और यूनीक होना चाहिए।

लॉकडाउन में किया फोकस
जयलक्ष्मी ने लॉकडाउन के बीच उद्यमिता की ओर बढ़ने का फैसला किया। वे उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने लॉकडाउन में अपना बिजनेस खड़ा किया है। आज के समय में देश भर से ऑर्डर आ रहे हैं। उनके कपों की भारी मांग है। प्रति माह लगभग 30,000 से 40,000 कप बनाने वाली जयलक्ष्मी अब प्रति वर्ष 7 से 10 लाख रुपये कमाती हैं।

पति हो गये बीमार

पति हो गये बीमार

इन कपों की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने से पहले, जयलक्ष्मी ने विशाखापट्टनम के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर काम किया। लेकिन 2020 में एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट ऑफिसर के रूप में काम करने वाले उनके पति श्रीनिवास राव लीवर से संबंधित बीमारी के कारण बीमार पड़ गए। उनकी पति की सर्जरी हुई, जिसके बाद वे बेड रेस्ट पर थे, और जयलक्ष्मी के पास उनकी देखभाल करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। तब ही देश में महामारी आई थी। सर्जरी से ठीक होने के दौरान, उनके पति कोविड-19 पॉजिटिव भी हो गए थे। यह उनके परिवार के लिए सबसे कठिन समयों में से एक था।

कई फ्लेवर के होते हैं कप

कई फ्लेवर के होते हैं कप

जयलक्ष्मी के चाय के कप चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी, वेनिला, इलाइची (इलायची) आदि जैसे कई अलग-अलग फ्लेवर्स के होते हैं, जिससे इनके टेस्ट पेय (चाय-कॉफी) में मिल जाते हैं। वह अपने उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग यूट्यूब के माध्यम से और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी कर रही हैं।

कई राज्यों में जा रहे कप

कई राज्यों में जा रहे कप

सिर्फ आंध्र प्रदेश में ही नहीं, उन्हें ओडिशा, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से ऑर्डर मिल रहे हैं। बिजनेस शुरू करने के लिए उन्होंने सरकारी योजना पीएमएफएमई के तहत लोन लिया और बैंक में अपने सोने के गहने भी गिरवी रखे। फिर उन्होंने बेंगलुरु और हैदराबाद से मशीनरी खरीदी और आखिरकार फरवरी 2021 में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की। उनका दावा है कि चाय के कप में 20 मिनट तक गर्म पेय रखा जा सकता है।

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