
Satyanarayan Nuwal : सत्यनारायण नुवाल एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने बहुत से मेहनत से अपना बिजनेस एम्पायर खड़ा किया है। वे आमतौर पर हिंदी में बोलना पसंद करते हैं। अंग्रेजी कभी भी उनकी पहली या दूसरी भाषा नहीं थी। नुवाल ने 10वीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ दिया था। पर आज नुवाल 35,800 करोड़ रु (मार्केट कैपिटल) सोलर इंडसट्रीज के चेयरमैन हैं, जो नागपुर मुख्यालय वाली औद्योगिक विस्फोटक और गोला-बारूद निर्माता कंपनी है, जिसकी स्थापना उन्होंने 1995 में की थी।
65 देशों में मौजूद है कंपनी
नुवाल की कंपनी की उपस्थिति 65 देशों में है और यह आज भारत में औद्योगिक विस्फोटकों और एक्सप्लोसिव इनिशिएटिव करने वाली सिस्टम्स की सबसे बड़ी निर्माता है। पिछली शताब्दीब्दी के अंत तक अपने खुद के विस्फोटकों की मैन्युफैक्चरिंग में प्रवेश करने का फैसला लेने से पहले सोलर इंडस्ट्रजी सरकारी कोयला खदानों के लिए विस्फोटकों की सप्लायर के रूप में काम करती थी। साथ ही यह रासायनिक कंपनी आईसीआई (इंपीरियल केमिकल इंडस्ट्रीज) के लिए एक कंसाइंमेंट एजेंट के रूप में काम करती थी।
एक दशक पहले बदली कहानी
फिर, एक दशक पहले, इसने भारत के आकर्षक रक्षा क्षेत्र में प्रवेश करने का निर्णय लिया, जिसे अब सरकार की मेक इन इंडिया पहल द्वारा बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन दिया गया है। आज के समय में सोलर इंडस्ट्रीज विस्फोटक और प्रोपेलेंट से लेकर ग्रेनेड, ड्रोन और वॉरहेड तक सब कुछ बनाती है। कंपनी ने भारत का अपनी तरह का पहला हथियारयुक्त ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशंस (आत्मघाती ड्रोन) भी डेवलप किया है, जिसे वह भारतीय सशस्त्र बलों को प्रदान करना चाहती है।
कितनी ग्रोथ की कंपनी ने
औद्योगिक विस्फोटक बाजार में अपनी प्रमुख बाजार हिस्सेदारी के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में प्रवेश का मतलब है कि कंपनी की मार्केट वैल्यू एक दशक में लगभग 1,700 प्रतिशत बढ़ गयी हैं। 2012 में यह 1,765 करोड़ रु थी, जो नवंबर 2022 तक 35,000 करोड़ रु से अधिक हो गयी। इस प्रोसेस में, नुवाल, जिनके परिवार की कंपनी में 73 प्रतिशत हिस्सेदारी है, की संपत्ति 3 अरब डॉलर हो गयी। इससे वह 2022 फोर्ब्स इंडिया रिच लिस्ट में भारत के 72वें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए।
कामयाबी का श्रेय किसे देते हैं नुवाल
नुवाल कहते हैं कि यह कामयाबी सर्वशक्तिमान (भगवान) की कृपा है। उनके अनुसार उन्होंने कई कंपनियों और इतने सारे लोगों को देखा है जो टॉप लेवल पर गए हैं, और कभी-कभी पांच या 10 साल बाद वे नीचे आते हैं। तब आपको याद नहीं रहता कि वे वहां थे या नहीं। यह सब सर्वशक्तिमान और कड़ी मेहनत पर निर्भर करता है।
ऐसा रहा पूरा सफर
नुवाल ने लोन और अन्य बचत के माध्यम से 60 लाख जुटाए थे और गारा विस्फोटक बनाने के लिए निकल पड़े। जल्द ही, कंपनी ने डेटोनेटर और भारी मात्रा में विस्फोटक बनाने के सेक्टर में भी कदम रखा। वर्षों से उनके सबसे बड़े ग्राहकों में भारत सरकार की कोल इंडिया रही है, जो अपनी खदानों के लिए सोलर इंडस्ट्रीज के विस्फोटकों का उपयोग करती है। नुवाल कहते हैं कि 10 साल के भीतर वे देश में विस्फोटकों की सबसे बड़ी निर्माता बन गई। निर्यात के अलावा, लगभग 70 प्रतिशत बल्क विस्फोटक का उपयोग देश में कोयले और अन्य धातु की खदानों में किया जाता है।
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