नई दिल्ली, दिसंबर 16। जब दुनिया भर में कोविड-19 महामारी फैली, तो मैंगलोर की एक महिला वकील अपनी छत पर चमेली के फूल लगाने में व्यस्त थीं। कोरोना काल में एडवोकेट किराना देवाडिगा अपनी छत पर चमेली के फूलों की खेती करती रहीं। पेशेवर रूप से वकील किराना हमेशा से ही अपने दिल से किसान रही हैं। इसलिए जब महामारी ने दुनिया को रोक दिया तो उन्होंने अपना समय बर्बाद नहीं किया, बल्कि सड़कों पर विक्रेताओं से पोट और पास की सैयद नर्सरी से चमेली के पौधे और बीज खरीदे।
तीन महीनों में मोटी कमाई
किराना लगभग 90 उडुपी चमेली के पौधे, गमले और खाद लेकर आईं। इसके लिए उन्होंने 12,000 रुपये खर्च किए। किराना ने अच्छी उपज के लिए छह महीने तक इंतजार किया। अब तीन महीने की अवधि में उन्होंने 85,000 रुपये से अधिक की कमाई की है और आने वाले महीनों में उनकी आय दोगुनी होने की उम्मीद है। यानी हर महीने वे 56000 रु तक कमा सकती हैं।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम से ली प्रेरणा
कृषि जागरण की रिपोर्ट के अनुसार जब किराना से पूछा गया कि कोरोना काल में उन्होंने अपने सपनों को कैसे हासिल किया, तो उन्होंने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की एक बात के साथ जवाब दिया कि, "सपना वह नहीं है जो आप नींद में देखते हैं, सपना एक ऐसी चीज है जो आपको सोने नहीं देती"। उन्होंने यह भी कहा कि कोई फर्क नहीं पड़ता कि दूसरे आपके सपनों को कितना छोटा समझते हैं। अगर आप में सपनों को आगे बढ़ाने की इच्छा है तो आप निश्चित रूप से उन्हें पूरा कर सकते हैं।
यूट्यूब से ली मदद
यूट्यूब वीडियो और नर्सरी के मालिक किराना के प्रमुख शिक्षक रहे। अब उनके पति और बहनें भी खेती की सभी गतिविधियों में हाथ बंटाते हैं। उनकी कुछ बहनों ने तो खुद चमेली की खेती भी शुरू कर दी है। अपनी छत पर खेती की तकनीकों से किराना वर्तमान में चमेली के मौसम में 6 "अटे" की फसल लेने में सक्षम है। पिछले महीने उन्हें एक अटे के लिए 1250 रुपये मिले थे। एक "अटे" में कुल चार "चेन्दू" होते हैं। एक चेन्दू में 800 चमेली के फूल होते हैं।
कैसे हुई शुरुआत
शुरुआत में किराना ने चमेली के पौधे केवल छत के एक हिस्से में लगाए थे और बाकी हिस्सा सब्ज़ियों को समर्पित किया था। छह महीने के बाद उनकी पूरी छत चमेली के बगीचे में बदल गई। जैसे-जैसे उपज बढ़ी, उन्होंने चमेली की कलियों को केले के डंठल से बने तार से बांधने की कला सीखी।
टाइमिंग का बैलेंस
किराना के लिए समय मैनेजमेंट निश्चित रूप से एक चुनौती रहा है। उन्होंने परिवार, काम और बागवानी के प्रति अपने जुनून के बीच संतुलन बनाना सीखा है। उनका यह खास सफर वास्तव में सभी के लिए एक प्रेरणा है और यह याद दिलाता है कि अपने सपनों को पूरा करने में कभी देर नहीं होती है। बता दें कि आप भी रूफटॉप फार्मिंग के जरिए अपनी छत पर सब्जियां, फल और फूल उगा सकते हैं। कुछ लोग अब भारतीय सब्जियों के साथ-साछ छत पर विदेशी सब्जियां भी उगाते हैं।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications