Success Story: आज हम जनकी कहानी बताने वाले हैं, उनका नाम कृष्णा यादव है. कृष्णा ने अपने बिजनेस की शुरुआत 500 रुपये से की थी. आज उनके बिजनेस की वैल्यू 5 करोड़ रुपये है. उनका ये सफर आसान नहीं रहा. लेकिन कृष्णा ने कभी भी हार नहीं मानी. चलिए इनकी पूरी कहानी जानते हैं.

कृष्णा ने अपने अचार के बिजनेस की शुरुआत साल 2011 में की थी. उनके पास बिजनेस करने के लिए घर का एक छोटा कमरा, अचार की साम्रागी थी. उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लागन से आज अपना इतना बड़ा बिजनेस खड़ा कर दिया है. कृष्णा के बिजनेस को आज 14 साल बीत चुके हैं. आज कृष्णा अपने साथ कई और महिलाओं को भी रोजगार प्रदान कर रही है.
बचपन की कहानी
कृष्णा का जन्म उत्तर प्रदेश के छोटे गांव दौलतपुर से हुआ था. वे कभी भी स्कूल नहीं जा पाई. शादी के बाद कृष्णा बुलंदशहर चले गए. उनके पति ट्रैफिक पुलिस में काम किया करते थे. लेकिन एक दिन अचानक कृष्णा के पति की नौकरी चली गई.
जिसके बाद उनके परिवार में मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा. उनका आर्थिक संकट इतना बढ़ गया था कि उनका खाना भी मुश्किल हो गया. वहीं उन्हें गुजारा करने के लिए अपने दो घर तक बेचने पड़े.
ऐसे की बिजनेस की शुरुआत
हालातों को देखते हुए कृष्णा और उनके पति किसी रेिश्तेदार से 500 रुपये उधार लेकर दिल्ली आ गए. दिल्ली में आते ही उन्होंने काम ढूंढना शुरू किया. लेकिन उन्हें कोई काम नहीं मिला. जिसके बाद उन्होंने खेत किराए में लेकर काम किया. लेकिन इससे भी गुजारा नहीं हो पाता था.
जिसके बाद कृषणा ने बिजनेस करने के बारे में सोचा. कृष्णा ने 2001 में कृषि विज्ञान केंद्र से फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग ली थी. जिसके बाद उन्होंने अपनी इस ट्रेनिंग का इस्तेमाल बिजनेस में किया. उन्होंने खेत में मिर्च उगाकर, इसका आचार बनाया. इस मिर्च के अचार से कृष्णा ने 5250 रुपये का प्रॉफिट कमाया था.
आज उनके अचार की यूनिट दो दिल्ली और दो हरियाणा में रखी गई है. धीरे-धीरे कृष्णा का बिजनेस बढ़ता चला गया. उन्होंने श्री कृष्णा नाम से Firm खोल दिया. आज उनकी ये यूनिट 152 प्रोडेक्ट कमाते हैं. इन यूनिट्स में कृष्णा 10 से 20 क्विटल अचार बनती है.
कई अवॉर्ड से किया गया सम्मानित
कृष्णा की मेहनत को सरकार द्वारा भी पहचान मिली है. कभी स्कूल ना जाने वाली कृष्णा को आज स्कूल और कॉलेज में लेक्चर के लिए बुलाया जाता है. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक साल 2014 में कृष्णा यादव को हरियाणा सरकार ने इनोवेटिव आइडिया पहली चैंपियन किसान महिला अवार्ड दिया था.
इसके अलावा साल 2013 में वाइब्रेंट गुजरात इवेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णआ को 51 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया था.


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