Success Story:झारखंड के लड़के ने टेक में बनाया बड़ा नाम, बना 750 करोड़ की कंपनी का मालिक, देखें पूरी कहानी

अंकित प्रसाद का नाम टेक इंडस्ट्री में काफी प्रसिद्ध है. वे झारखंड के चाईबासा से आते हैं. वे सिर्फ एक बिजनेस मैन नहीं है, बल्कि उन्होंने ग्लोबल टेक स्टार्टअप में भी अपना बड़ा नाम बनाया है. चलिए जानते हैं चाईबासा के लड़के ने कैसे 750 करोड़ का बिजनेस खड़ा किया.

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ग्लोबल टेक और आईटी कंपनियों में कई भारतीयों ने अपना नाम बनाया है. अंकित प्रसाद का भी ग्लोबल टेक स्टार्टअप में एक बड़ा नाम है. लेकिन झारखंड के चाईबासा से टेक इंड्रस्टी में बड़ा नाम कामना, ये सफर इतना आसान नहीं रहा.


बचपन की कहानी

अंकित का जन्म झारखंड के चाईबासा में हुआ था. उनके पिता एनआईटी जमशेदपुर में फ्रोफेसर रहे हैं. अंकित को बचपन से ही कंप्यूटर में काफी दिलचस्पी थी. उन्होंने महज 6 साल की उम्र से ही कोडिंग या प्रोग्रामिंग में रूचि दिखाना शुरू कर दी थी. साल 1995 में अंकित के पिता ने उन्हें एक कंप्यूटर गिफ्ट किया था.

साल 2005 में अंकित और उनके भाई ने वेब डिजाइन का एक छोटा बिजनेस शुरु किया था. अंकित शुरुआत में होटल, रेस्टोरेंट या सर्विस बिजनेस के लिए वेबसाइट बनाने का काम करते थे. जिसके बाद धीरे-धीरे उनका बिजनेस बढ़ने लगा और अच्छी खासी कमाई भी होने लगी.

कंप्यूटर के अलावा अंकित पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे. वे 10वी कक्षा में टॉप 3 में से एक थे. स्कूली पढ़ाई होने के बाद अंकित ने आईआईटी में जाने का फैसला किया. लेकिन उन्हें आंखों में दिक्कत थी, जिसकी वजह से कई परेशानियां भी उन्हें आई.

साल 2007 में अंकित ने आईआईटी के लिए परीक्षा दी. लेकिन उन्हें वहां एडमिशन नहीं मिल सका. उन्हें एनआईटी जमशेदपुर में एडमिशन मिल रहा था. जिसके बाद साल 2008 में उन्होंने फिर से कोशिश की और उन्हें आईआईटी दिल्ली में एडमिशन मिल गया.

ऐसे हुई बिजनेस में उन्नति

अपनी पढ़ाई के साथ वे अपने भाई साथ शुरु किया बिजनेस जारी रखें हुए थे. साल 2009 से 2010 के बीच अंकित ने कई कंपनियों को सर्विस दी थी. इसके बाद साल 2012 में अन्य कंपनियां जैेसे स्नैपडील, जोमैटो की सफलता को देखते हुए अंकित और उसके भाई ने हॉस्टल में ही टच टैलेंट से ऑनलाइन कम्युनिटी की शुरूआत की.

अंकित ने बिजनेस करने के लिए आईआईटी दिल्ली छोड़ दिया. फिर साल 2015 में अपने भाई क साथ मिलकर Bobble AI की शुरुआत की. इस कंपनी ने Bobble Indic कीबोर्ड का निर्माण किया था. ये कीबोर्ड 120 भाषाओं को सपोर्ट करता है. वहीं इन 120 भाषाओं में से 37 भारतीय भाषाओं को भी ये सपोर्ट करता है.

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