नई दिल्ली, अगस्त 24। इंसान जब कुछ खास करने की ठान ले तो फिर वो उसे कर गुजरता ही है। वीर शेट्टी ने भी कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने एक समय सोचा था जरूरतमंदों के लिए एक खाद्य कंपनी शुरू करने के बारे में, जिससे गरीबों की मदद हो सके। और अब 15 साल बाद तेलंगाना के शेट्टी 1 करोड़ रु की कंपनी के मालिक हैं। उन्हें अपने स्कूल की शिक्षा पूरी करने का भी मौका नहीं मिला। वे स्कूल में नौवीं कक्षा से ही बाहर हो गए। मगर उनके मन में कुछ बड़ा करने का ख्याल था। जानते हैं उनके सफर की पूरी कहानी।
हालात थे खराब
शेट्टी के पिता एक किसान थे। उनके परिवार में पैसे की तंगी थी और उन्हें अपने खर्चों का ध्यान रखना पड़ता था। इसलिए उन्होंने छोटे मोटे काम करना शुरू कर दिया, और आखिरकार डॉ. सी.एच. रवींद्र रेड्डी. के सहायक के रूप में काम करना शुरू कर दिया। डॉ रेड्डी इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स में एक प्रमुख वैज्ञानिक थे। 2014 में हैदराबाद में एक कृषि थीम पार्क स्थापित किया गया, जहाँ शेट्टी ने खेती की दुनिया के बारे में सब कुछ सीखा।
नौकरी के बाद खुद बने बॉस
उन्होंने 2016 तक डॉ रेड्डी के साथ काम करना जारी रखा और उन्हें 48,000 रुपये का वेतन मिल रहा था, लेकिन वे खुद के मालिक बनना चाहते थे और दूसरों के जीवन को बेहतर बनाना और उन्हें रोजगार प्रदान करना चाहते थे। जब वीर ने 2016 में अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए कुछ करने का फैसला किया, तो उनकी योजना लगभग 10 साल पहले अमल में आ चुकी थी। दरअसल ये एक आइडिया था।
क्या था आइडिया
केनफोलियोज की रिपोर्ट के अनुसार 2006 में शेट्टी महाराष्ट्र के बीड के सुदूर इलाकों में काम के लिए यात्रा कर रहे थे और उन्हें अपने आस-पास कोई अच्छा भोजन नहीं मिला, जिसके कारण उसने अपना खुद का रेड टू ईट फूड बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा। जब वे यात्रा से वापस आए, तब तक उनके पास एक योजना थी, और उन्होंने अपने बिजनेस के लिए मूल फसल के रूप में बाजरा का उपयोग करने का फैसला किया।
छोटी दुकान से शुरुआत
जल्द ही शेट्टी ने हैदराबाद में 25,000 रुपये के निवेश के साथ एक छोटी सी दुकान शुरू की, जबकि अपनी नौकरी पर भी फुल टाइम काम किया। वह बाजरे की रोटी, मूंगफली की चटनी और कुछ अन्य पौष्टिक उत्पाद बेच रहे थे। शेट्टी ने अपने बिजनेस का नाम एसएस भवानी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड रखा। दुकान से शुरू करके वे अब सालाना 1 करोड़ रु का कारोबार करते हैं।
फैल गया बिजनेस
अब, 15 साल बाद, दिल्ली और हैदराबाद सहित पूरे भारत में उनकी कई दुकानें हैं। कुछ स्टोर पहले से ही हो गए हैं और कुछ प्रोसेस में हैं। उनकी प्रोडक्शन यूनिट गृहनगर चंदननगर, हैदराबाद में है, जहां कड़क भाकरी, चिवड़ा, लड्डू, बाजरा रवा, बाजरा आटा सहित 25 से अधिक बाजरा उत्पादों का उत्पादन किया जाता है। उन्होंने हाल ही में मिलोविट हेल्थ मिक्स नामक एक उत्पाद भी लॉन्च किया है।
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