नई दिल्ली, सितंबर 04। आपने कई बार सुना होगा कि बिना मेहनत के कामयाबी नहीं मिलती। साथ ही अच्छी शुरुआत और बेहतर प्लानिंग को सफलता की कुंजी कहा जाता है। ये हकीकत भी है। कुछ ऐसा ही कारनामा किया है दिल्ली की निहारिका भार्गव ने। राजधानी में पैदा हुईं निहारिका ने लंदन से मार्केटिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की। पर एक जुनून ने उन्हें अपने पिता के बिजनेस को आगे बढ़ाने और नयी ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद की। अब उनके बिजनेस का टर्नओवर 1 करोड़ रु पहुंच चुका है।
ऐसी मिला बिजनेस का आइडिया
निहारिका ने अपने पिता के जुनून को बिजनेस में बदल दिया। फिर अपना खुद का बिजनेस शुरू किया। उनके जीवन में ऐसा होगा शायद निहारिका ने कभी ऐसा सोचा भी नहीं होगा। बात दरअसल यह है कि उनके पिता अचार बहुत अच्छा बनाते हैं। ये उनका शौक रहा है। वह अचार बनाते और रिश्तेदारों को गिफ्ट करते रहते थे। निहारिका के पिता जो अचार तैयार करते थे, उसकी काफी मांग रहती। यहीं से निहारिका को बिजनेस आइडिया मिला।
खुद का बिजनेस शुरू करने का मन
मार्केटिंग की पढ़ाई के बाद निहारिका ने कुछ साल का वर्क एक्सपीरियंस लिया। पर उसके बाद निहारिका को लगा कि क्यों न खुद का बिजनेस शुरू किया जाए। फिर निहारिका ने एक ऐसा रास्ता चुना, जो उन्हें करोड़पति बनने की ओर ले गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निहारिका ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। 2015 में वे लंदन से मार्केटिंग स्ट्रैटेजी एंड इनोवेशन में मास्टर्स करने में कामयाब रहीं।
लौट आईं भारत
लंदन से मार्केटिंग स्ट्रैटेजी एंड इनोवेशन में मास्टर्स करने के बाद निहारिका भारत आ गईं और गुरुग्राम में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में जॉब शुरू की। उनकी सैलेरी वहां अच्छी थी। उन्हें कई अन्य तरह की सुविधाएँ भी दी जा रही थीं। मगर उनका लक्ष्य अलग था। इसीलिए निहारिका ने एक साल बाद नौकरी छोड़ अचार का कारोबार शुरू किया।
जम कर किया रिसर्च
कारोबार में आने से पहले निहारिका ने एक बहुत अच्छा और जरूरी काम किया। उन्होंने अचार के बाजार पर काफी रिसर्च की। इसे समझने में काफी समय लगाया। लोगों से बात की। इससे उन्हें पता चला कि शुद्ध और घर का बना अचार काफी डिमांड में रहता है। बड़ी संख्या ऐसे लोग की है, जिन्हें बाजार का अचार पसंद नहीं हैं। मगर वे उसे मजबूरी में खरीदते हैं।
शुरू की खुद की कंपनी
2017 में निहारिका ने द लिटिल फार्म नाम से अपनी खुद की कंपनी की शुरू की। उन्होंने कंपनी की शुरुआत गुरुग्राम में की। वहां से अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचना शुरू किया। तीन साल में ही उनकी कंपनी का टर्नओवर एक करोड़ तक पहुंच गया। मगर बिजनेस में कामयाबी इतनी आसान नहीं है। निहारिका ने अपने उत्पाद को दूसरों से अलग बनाया। उनके अचार में इस्तेमाल होने वाली सारी सामग्री ऑर्गेनिक तरीके से उगाई जाती है। उनकी कंपनी के पास आज लगभग 400 एकड़ हरी कृषि भूमि है। इन कारणों से उनका कारोबार लगातार समय के साथ बढ़ रहा है। कंपनी के दावे के अनुसार ये अपने खेतों से सीधे प्रामाणिक भारतीय तकनीकों और जैविक उत्पादों का उपयोग करके अचार बनाती है।


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