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MSME के लिए आई प्री-पैकेज इनसॉल्वेंसी रेज्योलूशन प्रोसेस, ऐसे मिलेगा फायदा

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नयी दिल्ली। एमएसएमई (सूक्ष्म और लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर के लिए एक अच्छी खबर आई है। कोरोना काल में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही एमएसएमई यूनिट्स के लिए सरकार ने प्री-पैक इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस अध्यादेश पेश किया है। इस अध्यादेश के तहत इनसॉल्वेंसी प्रोसेस 120 दिनों में पूरी होगी। प्री-पैकेज्ड, अनौपचारिक, हाइब्रिड और कर्जदाता द्वारा प्रबंधित प्री-इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस, जिसे-प्री-पैक कहा जाता है, इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत काम करेगा। ऐसी ही प्रोसेस अमेरिका, यूके और सिंगापुर में भी इस्तेमाल की जाती है।

 

MSME के लिए आई प्री-पैकेज इनसॉल्वेंसी रेज्योलूशन प्रोसेस

क्या होगा फायदा
यह प्री-पैक दिवाला और दिवालियापन संहिता के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के रूप में क्लासिपाइड कॉर्पोरेट व्यक्तियों के लिए एक बेहतर वैकल्पिक इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस के रूप में काम करेगा। इससे सभी हितधारकों के लिए जल्दी, कम लागत और बेहतर वैल्यू वाले नतीजे सामने आएंगे। नये प्रोसेस से एमएसएमई में काम करने वालों की नौकरी सुरक्षित होगी और बिजनेस में अड़चन नहीं आएगी।

इकोनॉमी के लिए अहम है एमएसएमई सेक्टर
भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम सेक्टर बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये देश की जीडीपी में अहम योगदान देती हैं और एक बड़ी आबादी को रोजगार मुहैया करते हैं। एमएसएमई की विशिष्ट आवश्यकताओं को उनके दिवालिया समाधान से संबंधित आवश्यकताओं को तुरंत पूरा करना आवश्यक माना जाता है। इसकी वजह है एमएसएमई का यूनिक बिजनेस नेचर और आसान कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर।

 

सरकार ने उठाए कई कदम
एमएसएमई सेक्टर के सामने महामारी से आने वाली दिक्कतों को कम करने के लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं, जिसमें कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस को शुरू करने के लिए डिफ़ॉल्ट की न्यूनतम राशि को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करना शामिल है। जहां तक नये अध्यादेश का सवाल है तो इसके तहत शर्तों के साथ एमएसएमई फर्म का मैनेजमेंट निदेशक मंडल में अपनी जगह बरकरार रख सकेगा। प्री-पैक पात्रता के लिए सरकार डिफ़ॉल्ट की सीमा तय कर सकती है। मगर अधिकतम लिमिट 1 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी।

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English summary

pre Package insolvency resolution process for MSME know what will be benefits

The government has introduced a Pre-Pack Insolvency Resolution Process Ordinance for MSME Units. The insolvency process under this ordinance will be completed in 120 days.
Story first published: Tuesday, April 6, 2021, 14:49 [IST]
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