नई दिल्ली, जून 12। फिजिक्सवाला एक स्टार्टअप है, जिसे अलख पांडे ने शुरू किया है। ये एक एड-टेक स्टार्टअप है, जो भारत के यूनिकॉर्न (एक कंपनी जिसका मूल्यांकन 1 बिलियन डॉलर से अधिक है) का हिस्सा बनने वाली लेटेस्ट कंपनी है। इस कंपनी ने सीरीज ए फंडिंग में 100 मिलियन डॉलर (लगभग 777 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। फिजिक्सवाला और इसके सीईओ ने 2014 में अपनी यात्रा केवल एक यूट्यूब चैनल से शुरू की थी। मगर अब वे 777 करोड़ रु की कंपनी के मालिक हैं।
क्या है कंपनी का काम
फिजिक्लवाला छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं, संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए प्रशिक्षित करती है। ये जेईई, आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) और एनईईटी परीक्षा की भी तैयारी कराती है। अलख के पिछले कुछ वर्षों में यूट्यूब पर 69.4 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हो गए हैं। मगर ऐसा नहीं है कि अलख का यह सफर इतना आसान रहा।
किया कई कठिनाइयों का सामना
इलाहाबाद में जन्मे अलख को अपनी परिवरिश के दौरान ही कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि जब वे कक्षा 6 में थे, तब उनके पिता अपना घर बेचने के लिए मजबूर हो गए। परिवार को सपोर्ट करने के लिए अलख ने कक्षा 8 में अपने से छोटे बच्चों को ट्यूशन देना शुरू किया। पूरे स्कूल और कॉलेज के दौरान उनके पढ़ाने का यह जुनून जारी रहा।
पढ़ाने में मजा
द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एक साक्षात्कार में अलख ने बताया कि उन्होंने वित्तीय जरूरत के कारण पढ़ाना शुरू किया, लेकिन जल्द ही इसी में करियर बनाने के लिए उन्हें पर्याप्त आनंद आने लगा। एक समय उन्होंने कॉलेज छोड़ने और इलाहाबाद लौटने का फैसला किया। वहां उन्होंने 5,000 रुपये के मासिक वेतन पर एक ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में पढ़ाना शुरू किया। साथ ही अलख ने समय-समय पर अपने यूट्यूब चैनल को अपडेट किया। 2017 में उन्होंने चैनल पर फुल टाइम फोकस करने के लिए कोचिंग छोड़ दी।
2 मिलियन सब्सक्राइबर्स
लोकप्रियता में लगातार वृद्धि के चलते उनके यूट्यूब चैनल के 2017 में 4,000 सब्सक्राइबर्स 2019 में बढ़ कर 2 मिलियन हो गये। जून 2020 में जब देश कोविड-19 के दौर से गुजर रहा था, तब अलख ने फिजिक्सवाला ऐप लॉन्च की। पर फिजिक्सवाला ऐप लोड को हैंडल नहीं कर सकी क्योंकि इस पर करीब 2 लाख हिट आए और ऐप क्रैश हो गया। चार दिनों में 35,000 से अधिक लोगों ने कोर्ट में दाखिला लिया था और ऐप अभी भी काम नहीं कर रहा थी।
मिल गयी कामयाबी
हालाँकि कुछ हफ्तों के बाद तकनीकी खराबी ठीक हो गयी और चीजें सामान्य हो गईं। छात्र ऐप पर वापस आने लगे। अलख के फैन्स द्वारा बनाए गए कई यूट्यूब चैनलों में से एक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्य एडटेक प्लेटफार्मों में शामिल होने के लिए मिलने वाले कई ऑफर्स को अस्वीकार करने का फैसला किया। क्योंकि फिजिक्सवाला के माध्यम से, एक रिक्शावाला या अखबार विक्रेता या धोबी भी अपने बच्चे को डॉक्टर बनने के लिए शिक्षित करने का सपना देख सकता है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें एक प्रतियोगी द्वारा 75 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया और आज उनकी 777 करोड़ रु की कंपनी है।


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