नयी दिल्ली। इंडियन बैंक ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) सेक्टर के लिए 'एमएसएमई प्रेरणा' नाम से एक ऑनलाइन बिजनेस मेंटरिंग प्रोग्राम शुरू किया है। बैंक का कहना है कि यह देश में एमएसएमई सेक्टर के लिए किसी भी बैंक द्वारा शुरू किया गया इस तरह का पहला कार्यक्रम है। एमएसएमई प्रेरणा को आधिकारिक तौर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लॉन्च किया है। इस प्रोग्राम को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। एमएसएमई प्रेरणा का मकसद स्किल डेवलपमेंट और कैपिसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप्स के जरिए उद्यमियों को मजबूत बनाना है।

आउट-ऑफ-बॉक्स आइडिया
इस मौके पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि इंडियन बैंक ने एमएसएमई प्रेरणा में आउट-ऑफ-बॉक्स पहल की शुरुआत की है, जो कि एक मेंटरिंग प्रोग्राम के जरिए उद्यमियों को सहारा देगा। सीतारमण ने बैंकिंग सेक्टर में और भी बैंकों द्वारा ऐसे प्रोग्राम शुरू करने की उम्मीद जताई। इंडियन बैंक ने इस प्रोग्राम की शुरुआत पूर्णाथ एंड कंपनी के साथ की है।
किस चीज की मिलेगी ट्रेनिंग
इस कार्यक्रम के जरिए एमएसएमई उद्यमियों को फाइनेंस और प्रबंधकीय कौशल, व्यवसाय में संकट से निपटने की क्षमता, क्रेडिट रेटिंग और जोखिम प्रबंधन की को समझने में विशेषज्ञता हासिल करने में मदद मिलेगी। ये पूरा कार्यक्रम 12 सत्रों का होगा। इनमें पहले 2 सत्र इंडियन बैंक के कोयंबटूर क्लसटर के लिए तमिल भाषा में होंगे। इसके बाद बाकी सेशन पूरे में हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली और गुजराती भाषा में रखे जाएंगे।
किस तरह होगा सेशन का प्रबंधन
प्रबंधकीय और फाइनेंस स्किल पर सेशन पूर्णाथ एंड कंपनी संभालेगी। वहीं बैंकिंग से संबंधित टॉपिक को इंडियन बैंक द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम खत्म होने पर सभी प्रतिभागियों को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा, जो संयुक्त रूप से इंडियन बैंक, पूर्णाथ एंड कंपनी और एमएडीई (मिशिगन अकादमी फॉर डेवलपिंग एंटरप्रेन्योर्स), अमेरिका द्वारा जारी किया जाएगा। माना जा रहा ैह कि इस प्रोग्राम के स्किल बेहतर होंगे।


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