नयी दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) सेक्टर के लिए एक अच्छी खबर आई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार सरकार इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) को 30 नवंबर तक एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। यानी ईसीएलजीएस के तहत एमएसएमई फर्म्स पूरे नवंबर लोन के लिए आवेदन कर सकती हैं। बता दें कि इस योजना की डेडलाइन 31 अक्टूबर तक या फिर 3 लाख करोड़ रु के लोन आवंटित करने तक थी। मगर 3 लाख करोड़ रु के लोन अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, इसीलिए सरकार ने इस स्कीम को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है।

कितना बंटा है लोन
इस योजना के तहत बैकों और बाकी फाइनेंस कंपनियों ने 60.67 लाख उधारकर्ताओं को 2.03 लाख करोड़ रुपये की लोन राशि मंजूर की है और इसमें से 1.48 लाख करोड़ रुपये के लोन बांट दिए गए हैं। ईसीएलजीएस की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला यह फैसला अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों पर कोविड-19 प्रतिबंधों में और ढील देने और त्योहारी सीजन के दौरान मांग में बढ़ोतरी के मद्देनजर लिया गया है। इससे उन उधारकर्ताओं को राहत मिलेगी, जिन्होंने अभी तक इस योजना के तहत आसान शर्तों पर लोन नहीं लिया है।
पिछले महीने उठी थी मांग
इससे पहले पिछले महीने फाइनेंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (एनबीएफसी की एक प्रतिनिधि संस्था) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इस योजना को आगे बढ़ाने की मांग की थी जो अक्टूबर में समाप्त होने वाली थी। पत्र में इस योजना को दिसंबर के अंत तक बढ़ाने का फैसला लिया गया था। कोरोना से लगे झटके को देखते हुए एमएसएमई सेक्टर को सहारा देने के लिए मई में आत्मनिर्भर पैकेज के में ईसीएलजीएस का भी ऐलान किया गया था।
कितनी है ब्याज दर
बैंकों और वित्तीय संस्थानो में ईसीएलजीएस लोन पर ब्याज की लिमिट 9.25 फीसदी थी। वहीं एनबीएफसी के लिए यह लिमिट 14 फीसदी थी। इन लोन के लिए समय 4 सालों का तय किया गया था, जिसमें मूल धन चुकाने पर 1 साल की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।


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