नयी दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए अच्छी खबर आई है। अब एमएसएमई फर्म्स एक और बैंक से मिनटों में लोन ले सकती है। यस बैंक भी भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के उस कार्यक्रम से जुड़ गया है, जिसके तहत सरकारी बैंक एमएसएमई सेक्टर को बिना परेशानी के आसान लोन देते हैं। सिडबी की इस पहल का नाम 'पीएसबी लोन्स इन 59 मिनट्स' है। इस पहल का उद्देश्य एमएसएमई सेक्टर के लिए व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देने में मदद करना है, जो कोरोना संकट के कारण काफी प्रभावित हुआ है। जैसा कि अब देश लगातार अनलॉक होता जा रहा है तो ऐसे में यस बैंक भी एमएसएमई को सपोर्ट करने के लिए आगे आया है।
इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन हैं एमएसएमई
यस बैंक में रिटेल बैंकिंग के ग्लोबल हेड राजन पेंटल ने इस मौके पर कहा है कि एमएसएमई इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन हैं और यस बैंक के लिए ये एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। कोरोना के दौरान इस सेक्टर को सपोर्ट करने के लिए बैंक एमएसएमई के डेवलपमेंट के लिए सिडबी द्वारा शुरू की गई इस पहल में एक्टिव होकर हिस्सा लेगा। बैंक ने एमएसएमई ग्राहकों को प्रोडक्ट्स की एक रेंड पेश करने के उद्देश्य से इनोवेटिव डिजिटल सॉल्यूशंस भी शुरू किए हैं जो उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए काफी सुविधाजनक हैं।
क्या है पीएसबी लोन्स इन 59 मिनट्स
इस पहल के तहत सरकारी और प्राइवेट बैंकों (वे बैंक जो इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं) से एमएसएमई फर्म्स 1 लाख रु से 5 करोड़ रु तक का लोन ले सकती हैं। ये लोन उन्हें सिर्फ 59 मिनट के अंदर दिया जाएगा। पीएसबी लोन्स इन 59 कार्यक्रम एडवांस्ड एल्गोरिदम के जरिए फंक्शन करता है, जो जीएसटी, आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट, फ्रॉड चेक, ब्यूरो चेक से सीधे जानकारी लेता है।
कैसा है सरकारी योजना का लाभ
3 लाख करोड़ रु की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 10 सितंबर तक सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने 42 लाख एमएसएमई के लिए 1.63 लाख करोड़ रु का लोन पास कर दिया है। इसमें से 1.18 लाख इकाइयों को 1.18 लाख करोड़ रु लोन दिया जा चुका है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने कहा था कि 10 सितंबर तक सरकारी बैंकों (पीएसबी) और टॉप 23 प्राइवेट बैंकों ने 42,01,576 फर्म्स के लिए 1,63,226.49 करोड़ रुपये का लोन पास और 1,18,138.64 करोड़ रुपये की लोन राशि आवंटित कर दी है।


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