नयी दिल्ली। सरकार के एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) का 30 अक्टूबर से आगे बढ़ाने की संभावना नहीं है। हालांकि ईसीएलजीएस के तहत अभी तक पास की गई लोन राशि करीब 65 प्रतिशत है। यानी 3 लाख करोड़ रु में से अभी तक करीब 65 फीसदी लोन को ही मंजूरी दी गई है। इसलिए अगर आप ईसीएलजीएस के तहत लोन लेना चाहते हैं तो 30 अक्टूबर तक जरूर आवेदन कर दें। इस योजना का उद्देश्य व्यवसायों को फाइनेंशियल मदद देना है। इनमें भी खास कर एमएसएमई सेक्टर, जो कि कोरोनोवायरस महामारी से काफी प्रभावित हुआ है।

क्यों नहीं आगे बढ़ेगी स्कीम
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों के अनुसार इसका उद्देश्य कोरोना से प्रभावितों सभी कारोबारियों की सहायता करना है और यदि योजना के तहत लोन लेने वाला कोई नहीं हैं तो योजना को आगे बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। 1 अगस्त को सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ा दिया था। लोन योजना में डॉक्टरों, वकीलों और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवरों को भी शामिल कर लिया गया था।
बढ़ाई गई थी बकाया लोन की लिमिट
इस स्कीम के तहत किसी भी फर्म के लिए बकाया लोन की लिमिट तय की गयी थी, मगर बाद में बकाया लोन की लिमिट को दोगुना कर दिया गया था ताकि ज्यादा फर्म्स लोन ले सकें। इस योजना के तहत गारंटीड इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (जीईसीएल) की अधिकतम राशि 5 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 10 करोड़ रुपये कर दी गई। कोरोनवायरस महामारी के मद्देनजर सरकार ने 20.97 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था, जिसमें ईसीएलजीएस शामिल थी।
कितना दिया गया अब तक लोन
5 अक्टूबर तक बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने लगभग 1,87,579 लाख करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी है, जबकि 1,36,140 करोड़ रुपये का लोन बांटा गया है। 20 मई को कैबिनेट ने एमएसएई सेक्टर के लिए ईसीएलजीएस के माध्यम से 9.25 प्रतिशत की रियायती दर पर 3 लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त फाइनेंसिंग को मंजूरी दी थी।


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