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MSME : जुलाई से नई कैटेगरी में होंगी शामिल, जानिए पूरी डिटेल

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नयी दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए नई कैटेगरी का ऐलान किया था। इस प्रस्ताव को यूनियन कैबिनेट भी हरी झंडी दिखा चुकी है। अब जुलाई से देश भर में 6 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई कंपनियों को सरकार की तरफ से पास किए गए नए दिशानिर्देशों के आधार पर सूचीबद्ध किया जाएगा। नए नियमों के तहत 50 करोड़ रुपये के निवेश और 250 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली कंपनी 'मध्यम' कंपनी की श्रेणी में आएगी। इसके अलावा 1 करोड़ रुपये के निवेश और 5 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली कोई विनिर्माण और सर्विस इकाई 'सूक्ष्म' फर्म के रूप में जानी जाएगी। 10 करोड़ रुपये के निवेश और 50 करोड़ रुपये के कारोबार वाली इकाई को 'लघु' उद्यम के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।

मैन्यूफैक्चर और सर्विसेज के लिए नया फॉर्मूला
 

मैन्यूफैक्चर और सर्विसेज के लिए नया फॉर्मूला

निर्माण और सेवाओं (Manufacture and Services) इकाइयों के लिए एक नया कम्पोजिट क्लासिफिकेशन फार्मूला भी तैयार किया गया है। विनिर्माण और सेवा उद्योगों के बीच अब कोई अंतर नहीं होगा। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक नए कंसेप्ट से एमएसएमई में सुधार और इनके विस्तार के लिए रास्ता खुलेगा। असल में जरूरी निर्यात को टर्नओवर गणना से मुक्त करने से एमएसएमई को अधिक से अधिक निर्यात करने की आजादी मिलेगी और उन्हें एमएसएमई नेटवर्क के फायदे खोने का जोखिम भी नहीं रहेगा।

निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

एक सरकारी अधिकारी के अनुसार सरकार के नए कदम से निर्यात में काफी अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वर्तमान एमएसएमई मानदंड एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 पर आधारित हैं। विनिर्माण और सेवा इकाइयों के लिए, यह अलग था। फाइनेंशियल बाधाओं के मामले में भी यह काफी कमजोर था। 13 मई 2020 को सामने आए पैकेज के बाद कुछ प्रतिनिधियों ने कहा कि घोषित बदलाव पहले से ही बाजार और मूल्य फैक्टर्स के अनुरूप नहीं है और इसलिए इसमें और संशोधन किया जा सकता है।

एमएसएमई का जीडीपी में योगदान
 

एमएसएमई का जीडीपी में योगदान

एमएसएमई सेक्टर भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 29 फीसदी का योगदान देता है और निर्यात में लगभग इसका आधा योगदान है। एमएसएमई इकाइयों से 11 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। यह सेक्टर 6000 से अधिक उत्पादों का उत्पादन करने के लिए जाना जाता है। इन तथ्यों से समझ में आना चाहिए कि एमएसएमई इकोनॉमी की ग्रोथ के लिए इतना जरूरी क्यों है।

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English summary

MSME to be included in new category from July know full details

Company with an investment of Rs 50 crore and a turnover of Rs 250 crore will fall into the category of 'medium' company. Any manufacturing and service unit with an investment of Rs 1 crore and a turnover of Rs 5 crore will be known as a 'micro' firm.
Story first published: Tuesday, June 23, 2020, 15:01 [IST]
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