नयी दिल्ली। मोदी सरकार जब से सस्ता में आई है तब से स्वरोजगार यानी अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने और नया कारोबार शुरू करने के लिए कई स्कीम लॉन्च की गई हैं। मोदी सरकार ने लोगों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए काफी प्रोत्साहित किया है। कारोबार शुरू करने के लिए कई लोन स्कीम लॉन्च की हैं। छोटे कारोबारों (एमएसएमई) को सहारा देने के लिए भी कई फंडिंग पेश कीं। इन्हीं में एक है प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी)। पीएमईजीपी एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम है। एमएसएमई मंत्रालय के पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए 25 लाख रु और सर्विस सेक्टर में नया उद्यम शुरू करने के लिए 10 लाख रु तक की आर्थिक मदद मिलती है।
हजारों लोगों ने शुरू किया कारोबार
पीएमईजीपी का फायदा उठा कर हजारों लोगों ने अपना कारोबार शुरू किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश भर में नए सूक्ष्म उद्यम लगाने के लिए चालू वित्त वर्ष में जितने आवेदन इस योजना के तहत आए हैं उनमें से 83 फीसदी को पैसा दे दिया गया है। इस वित्त वर्ष में अब तक 22,124 आवेदन आए हैं, जिनमें 660 करोड़ रु की आर्थिक मदद मांगी गई। सरकार ने इनमें से 18,455 आवेदकों को 551.65 करोड़ रु बांट दिया है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस योजना के लिए मंजूरी देने वाली एजेंसी खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) पोर्टल पर अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार इस बात का खुलासा हुआ है।
किसे नहीं मिल सकता लाभ
इस समय पीएमईजीपी के तहत 279 आवेदनों पर विचार चल रहा है, जिनमें 10.15 करोड़ रु की मदद मांगी गयी है। इस योजना का फायदा स्व-सहायता समूहों, सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत रजिस्टर्ड संस्थआन, उत्पादन सहकारी समितियों और चेरिटेबल ट्रस्टों को भी मिल सकता है। मगर प्रधानमंत्री रोजगार योजना, ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम या अन्य किसी केंद्रीय और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ-साथ किसी भी अन्य योजना के तहत पहले से ही ली गई सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने वाले मौजूदा उद्यमों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
इन बैंको ने दी सबसे ज्यादा मदद
जिन बैंकों ने पीएमईजीपी के तहत सबसे ज्यादा आवेदन पास किए हैं उनमें एसबीआई पहले नंबर पर है। एसबीआई ने 1749 आवेदकों को 40.41 करोड़ रु की सहायता दी है। इसके बाद जम्मू एंड कश्मीर बैंक ने 1498 आवेदकों को 30.55 करोड़ रु, पीएनबी ने 1376 आवेदकों को 37.97 करोड़ रु, केनरा बैंक ने 1291 आवेदकों को 42.44 करोड़ रु और बैंक ऑफ बड़ौदा ने 1131 आवेदकों को 45.79 करोड़ रु का लोन दिया है। ये आंकड़े 1 अप्रैल 2020 से 28 सितंबर 2020 के बीच के हैं। इस बीच सरकार ने 21 सितंबर 2020 तक 25,74,181 एमएसएमई और व्यक्तिगत खातों में आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीए) के तहत 3 लाख करोड़ रुपये में से 1,25,425 करोड़ रुपये डाल दिए हैं।
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