नयी दिल्ली। किसी भी अर्थव्यवस्था की ग्रोथ में कई फैक्टर योगदान देते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए जो महत्वपूर्ण फैक्टर हैं उनमें से एक है सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई)। इस विशेष क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है क्योंकि यह समावेशी और लगातार डेवलपमेंट प्राप्त करने के लिए अहम है। एमएसएमई इनोवेशन और उद्यमों के लिए एक नर्सरी भी माना जाता है। इसी सेक्टर से बड़ी संख्या में रोजगार भी निकलते हैं। एमएसएमई सेक्टर में 3.6 करोड़ यूनिट्स शामिल हैं। इस सेक्टर से 8 करोड़ से अधिक लोगो को रोजगार मिलता है। यह सेक्टर 6000 से अधिक उत्पादों का उत्पादन करने के लिए जाना जाता है और इसका जीडीपी में योगदान लगभग 8 फीसदी है। इसके अलावा कुल विनिर्माण (Manufacturing) उत्पादन इसका योगदान लगभग 45 फीसदी और भारत के निर्यात में 40 फीसदी है। इन तथ्यों से समझ में आना चाहिए कि एमएसएमई इकोनॉमी की ग्रोथ के लिए इतना जरूरी क्यों है।
एमएसएमई की परिभाषा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने आत्मानिर्भर भारत अभियान के बारे जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एमएसएमई की नई परिभाषा का ऐलान किया था। 2006 के एमएसएमई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार एमएसएमई को दो श्रेणियों में बांटा गया है। आइए जानते हैं उनके बारे में।
विनिर्माण उद्यम (Manufacturing Enterprises)
पहला है विनिर्माण उद्यम। उद्योग विकास और विनियमन अधिनियम 1951 की पहली अनुसूची में निर्दिष्ट वे सभी उद्यम जो किसी भी उद्योग के अंतर्गत आने वाले माल के उत्पादन या विनिर्माण में लगे हुए हैं या वे उद्योग जो अपने फाइनल प्रोडक्ट के लिए वैल्यू एडिशन में प्लांट और मशीनें लगाते हैं इस सेगमेंट में शामिल हैं। यानी विनिर्माण उद्यम को प्लांट और मशीनरी में निवेश के जरिए परिभाषित किया गया है।
सेवा उद्यम (Services Enterprises)
वे उद्यम जो सेवाएं देने में लगे हुए हैं और उपकरणों में निवेश के मामले में परिभाषित किए गए हैं उन्हें सेवा उद्यम के रूप में जाना जाता है। कई सालों ये सही परिभाषाएं इन सेगमेंट के लिए चल रही थीं। लेकिन वित्त मंत्री द्वारा की गई नई घोषणा के अनुसार विनिर्माण और सेवा आधारित एमएसएमई के बीच मौजूदा अंतर को हटा दिया गया। निवेश और टर्नओवर आंकड़ों को बड़े मूल्यों में बदल दिया गया और इसके नतीजे में मध्यम आकार के उद्यमों की संख्या में इजाफा हुआ।
एमएसएमई के लिए संशोधित क्लासिफिकेशन
1 करोड़ रुपये के निवेश और 5 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले उद्यमों को अब सूक्ष्म उद्यम माना जाएगा। 10 करोड़ रुपये से कम के निवेश और 50 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले कारोबार को अब छोटे उद्यमों की कैटेगरी में रखा जाएगा। वहीं 50 करोड़ रुपये के निवेश और 250 करोड़ रुपये के कारोबार वाली इकाइयों को मध्यम उद्यम माना जाएगा।
एमएसएमई : लोन, सब्सिडी और बिजली पर राहत
जिन फर्मों या उद्यमों ने अपने को एमएसएमई के तहत पंजीकृत किया है वे सरकार से निर्धारित औद्योगिक प्रोत्साहन सब्सिडी लेने के लिए योग्य हैं। जहां तक लोन का सवाल है तो भारत सरकार ने विशेष रूप से इसी सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी फंड योजना शुरू की ताकि उन्हें कॉलेट्रोल-मुक्त क्रेडिट की मदद मिल सके। इस समय मौजूदा और नए दोनों उद्यम इस योजना के तहत कवरेज प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। वे सभी फर्म या उद्यम जिनके पास एमएसएमई पंजीकरण प्रमाणपत्र है वे पेटेंट पंजीकरण के लिए 50 फीसदी सब्सिडी प्राप्त करने के लिए भी पात्र हैं। उन्हें बस संबंधित मंत्रालय को आवेदन करना है। एमएसएमई फर्म्स को पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ संबंधित बिजली विभाग को एक आवेदन पत्र लिखने से बिजली के बिलों पर रियायत भी मिलती है।
भुगतान में देरी पर सरकारी सुरक्षा
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय खरीदारों से भुगतान में देरी के लिए एमएसएमई फर्म्स की रक्षा करता है और एक न्यूनतम अवधि के भीतर किए जाने वाले विवादों के सुलह, मध्यस्थता और निपटान के माध्यम से देरी से भुगतान पर ब्याज के अधिकार की भी सुरक्षा करता है। अगर एमएसएमई फर्म किसी भी सामान या सेवाओं की आपूर्ति करती है तो खरीदार को फर्म के साथ तय तिथि या उससे पहले आवश्यक भुगतान करना पड़ता है। यदि सही समय भुगतान न किया गया तो खरीदार को माल या सेवाओं की स्वीकृति के 15 दिनों के भीतर आवश्यक भुगतान करना होगा।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications