नयी दिल्ली। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। इसका देश की जीडीपी में भी अच्छा-खासा योगदान है। सरकार ने भी कोरोना संकट में एमएसएमई सेक्टर के विस्तार के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में अब एमएसएमई मंत्रालय देश के खिलौना उद्योग की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाएगा। इस बात का ऐलान खुद एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय स्थानीय खिलौना उद्योग को हर संभव मदद देगा।

पीएम ने किया था जिक्र
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में स्थानीय खिलौना उद्योग को आगे बढ़ाने की बात कही थी, जिसके बाद नितिन गडकरी ने ट्विटर पर इस इंडस्ट्री की मदद की बात कही। उन्होंने कहा है कि हमारा खिलौना उद्योग, जो प्राचीन काल से मौजूद है, हमारी सांस्कृतिक विरासत रहा है। उनके मुताबिक पीएम मोदी के आह्वान के बाद देश में खिलौना उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी और न केवल अपने देश में बल्कि खिलौनों के माध्यम से दुनिया भर के बच्चों को एक बेहतर बचपन दिया जाएगा।
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में भी शामिल
प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर खिलौनों के प्रभाव पर बहुत ध्यान दिया गया है। मन की बात के अपने ताजा संबोधन में पीएम मोदी ने चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी ऑफ गांधीनगर, महिला और बाल विकास मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और एमएसएमई मंत्रालय के साथ अपने विचार साझा किए कि कैसे नए बच्चों को नए खिलौने उपलब्ध कराए जाएं और किस तरह भारत खिलौना उत्पादन का एक बड़ा केंद्र बन सकता है। इस समय दुनिया में खिलौनों का कारोबार 7 लाख करोड़ रु से ज्यादा का है, मगर इसमें भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है।


Click it and Unblock the Notifications