नयी दिल्ली। भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई सेक्टर ने समय के साथ अपनी खास भूमिका तैयार की है। वक्त गुजरने के साथ ही एमएसएमई की जीडीपी में हिस्सेदारी भी बढ़ी है। साथ ही इस सेक्टर ने देश के करोडो़ं लोगों को रोजगार भी दिया है। इस सेक्टर के जमे रहने के लिए सबसे जरूरी चीज है लोन। एमएसएमई के लिए लोन जरूरी है, क्योंकि इस सेक्टर में अधिकतर लोग कम पूंजी वाले होते हैं। एमएसएमई लोन की बात करें तो ये छोटे कारोबारियों के अलावा स्टार्टअप को भी मिल जाता है। इस लोन को चुकाने के लिए मिलने वाला समय अलग हो सकता है। ब्याज दर भी लोन के लिए आवेदन करने वाले की प्रोफाइल, कारोबार की कंडीशन, पुराने लोन आदि पर तय हो सकती है। एमएसएमई लोन लेने के लिए आपको बैंक या एनबीएफसी के टर्म्स पूरे करने होते हैं। अगर आप एमएसएमई लोन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो हम आपको बताते हैं इसका पूरा प्रोसेस।
जानिए एमएसएमई लोन अप्लाई करने के लिए पूरा प्रोसेस :
- रजिस्ट्रेशन के लिए एमएसएमई के नेशनल पोर्टल Udyogaadhaar.gov.in पर जाएं
- यहां आपको आधार नंबर, उद्यमी का नाम और बाकी डिटेल दर्ज करनी होगी
- फिर ओटीपी जनरेट करना होगा
- ओटीपी आपके आधार नंबर से लिंक नंबर पर भेजा जाएगा
- ओटीपी दर्ज करें और फिर Validate पर क्लिक करें
- इसके बाद आपके सामने एक फॉर्म आएगा जिस पर आपको विस्तार से जानकारी देनी होगी
- इस फॉर्म को भर कर सबमिट करें
- सबमिट के बाद पुष्टि करने के लिए ओके पर क्लिक करें
- इसके बाद आपको मोबाइल नंबर पर फिर एक ओटीपी मिलेगा
- वो ओटीपी दर्ज कर आवेदन फॉर्म जमा करने के लिए फाइनल सबमिट पर क्लिक करें
- इस सबके बाद आपको रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिसे आप लिख कर रखें
इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत :
- एपलिकेशन फॉर्म
- आईडी प्रूफ के लिए पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और वोटर आईडी
- रेजिडेंस प्रूफ के लिए पासपोर्ट, लीज एग्रीमेंट, टेलीफोन और बिजली बिल, ट्रेड लाइसेंस, राशन कार्ड और सेल्स टैक्स सर्टिफिकेट
- एज प्रूफ के लिए पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र और फोटो पैन कार्ड
जरूरी फाइनेंशियल प्रूफ :
- 12 महीनों (अंतिम का बैंक स्टेटमेंट
- कारोबार रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र
- प्रोपराइटर पैन कार्ड
- कंपनी पैन कार्ड
- 2 साल (अंतिम) प्रॉफिट एंड लॉस की बैलेंस शीट
- सेल्स टैक्स डॉक्युमेंट
- सिटी टैक्स डॉक्युमेंट
किन बैंकों से मिल सकता है लोन :
- एसबीआई
- एचडीएफसी बैंक
- इलाहाबाद बैंक
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- आईसीआईसीआई बैंक
- ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- बजाज फिनसर्व (एनबीएफसी)
सरकार के एमएसएमई के फैसले
1 जून को यूनियन कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में एमएसएमई सेक्टर के लिए कुछ खास फैसले लिए गए। एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव को मंजूरी दे दी गई। अब मध्यम उद्यमों के लिए टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस फैसले के पीछे सरकार का लक्ष्य एमएसएमई के दायरे का विस्तार करना है। 1 करोड़ रुपये के निवेश और 5 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले उद्यमों को अब सूक्ष्म उद्यम माना जाएगा। 10 करोड़ रुपये से कम के निवेश और 50 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले कारोबार को अब छोटे उद्यमों की कैटेगरी में रखा जाएगा। वहीं 50 करोड़ रुपये के निवेश और 250 करोड़ रुपये के कारोबार वाली इकाइयों को मध्यम उद्यम माना जाएगा। एमएसएमई के लिए कैबिनेट ने दो पैकेजों को लागू करने के लिए रोड मैप को मंजूरी दी है। इनमें संकटग्रस्त एमएसएमई के लिए 20,000 करोड़ रुपये का पैकेज और फंड ऑफ फंड्स के लिए 50,000 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश शामिल है।
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