नयी दिल्ली। सरकार जल्द ही चीनी कंपनी अलीबाबा का एक घरेलू वर्जन लॉन्च कर सकती है। इससे एमएसएमई सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। दरअसल सरकार डिजिटल क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के तरीकों पर लगातार विचार-विमर्श कर रही है। सरकार का थिंक टैंक नीति आयोग भारत में छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए कई मैकेनिज्म पर काम कर रहा है, ताकि वे गैर-शहरी क्षेत्रों और देश के बाहर तक अपनी पहुंच का विस्तार करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर एक्सेस हासिल कर सकें।
एमएसएमई को मिलेगा यूनिवर्सल ई-कॉमर्स एक्सेस
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार नीति आयोग जल्द ही छोटे व्यवसायों और व्यापारियों को यूनिवर्सल ई-कॉमर्स का एक्सेस प्रोवाइड करने पर ध्यान देने के साथ एक रोड मैप तैयार कर सकता है। एक अधिकारी के अनुसार छोटे व्यापारियों और व्यवसायों की ऑनलाइन प्रेजेंस को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न ऑप्शनों पर विचार किया जा रहा है।
एमएसएमई की चुनौतियां
सरकार की योजना एमएसएमई के लिए ई-कॉमर्स ईकोसिस्टम में उन चुनौतियों का समाधान निकालने की है, जिनके कारण छोटे उद्यमी अमेजन जैसे प्लेटफॉर्म पर नहीं जा पाते। इससे उन्हें अपना बिजनेस बढ़ाने के भरपूर मौके नहीं मिलते। इसीलिए चीनी ई-कॉमर्स दिग्गज अलीबाबा के एक भारतीय वर्जन की स्थापना पर विचार किया जा रहा है, जिसे सरकार का सपोर्ट होगा। मगर कोई प्राइवेट कंपनी इसे डेवलप और संचालन करेगी।
लग सकता है समय
हालांकि ऐसे प्लेटफॉर्म को डेवलप करने के लिए टेक्नोलॉजी और कैपिटल की जरूरत होगी। साथ ही इसे शुरू करने में कुछ समय भी लग सकता है। इसके अलावा सरकार उन विभिन्न चुनौतियों पर भी ध्यान दे रही है जो एमएसएमई के सामने हैं। इनमें जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जरूरत, लागत प्रतिस्पर्धा और अन्य स्टैंडर्ड से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। इन चुनौतियों के कारण एमएसएमई अंतर्राष्ट्रीय ई-प्लेटफॉर्म तक एक्सेस हासिल नहीं कर पातीं।
बी2बी और बी2सी लेन-देन के लिए ई-मार्केटप्लेस की जरूरत
भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry) के अनुसार, जो पोर्टल के लिए सरकार के साथ काम कर रहा है है, बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) या बी2सी (बिजनेस टू कस्टमर) लेनदेन के लिए सरकारी ई-मार्केटप्लेस की आवश्यकता है। हाल ही में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने खादी इंडिया की आधिकारिक ई-कॉमर्स साइट 'eKhadiIndia.com' लॉन्च की। इस वेबसाइट पर 500 से अधिक वेराइटीज के 50,000 से अधिक उत्पाद उपलब्ध होंगे। यहां विभिन्न कैटेगरी के खादी और ग्रामोद्योग के उत्पाद भी मिलेंगे। माना गया है कि ये एक ऐसे ईकोसिस्टम को बनाने की दिशा में कदम है जो एमएसएमई (सूक्ष्म और लघु और मध्यम उद्यम) के लिए पीएम मोदी के "आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।
More From GoodReturns

Chandra Grahan 2026: सूतक काल सुबह 6:23 से शुरू, जानें आपके शहर में कब लगेगा चंद्र ग्रहण

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Happy Holi Shayari: रंगों से भी ज्यादा खूबसूरत हैं ये मैसेज, भेजें प्यार का पैगाम, पढ़ें बेस्ट होली मैसेज

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: चंद्र ग्रहण के दिन सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस



Click it and Unblock the Notifications