नयी दिल्ली। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर के लिए सबसे जरूरी चीज है लोन। कोरोना संकट के समय एमएसएमई के लिए लोन और भी जरूरी है। एमएसएमई को इस संकट की स्थिति में मदद करने के लिए सरकारी बैंक आगे आए हैं। सरकारी बैंकों ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 12,200.65 करोड़ रुपये का लोन आवंटित कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार 1 जून से शुरू हुई ईसीएलजीएस के अंतर्गत सरकारी बैंकों ने अब तक कुल 24,260.65 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दे दी है। पिछले महीने वित्त मंत्री ने मुश्किल में चल रहे एमएसएमई क्षेत्र के लिए ईसीएलजीएस की घोषणा की थी , जो कि 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का सबसे बड़ा राजकोषीय घटक है।
कैबिनेट ने दिखाई हरी झंडी
पिछले महीने वित्त मंत्री के ऐलान के बाद 21 मई को कैबिनेट ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए ईसीएलजीएस के माध्यम से 9.25 प्रतिशत की रियायती दर पर 3 लाख करोड़ रुपये तक की फाइनेंसिंग को मंजूरी दी थी। योजना के तहत गारंटीड इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (जीईसीएल) सुविधा के रूप में योग्य एमएसएमई और इच्छुक माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा) उधारकर्ताओं को 3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि के लिए नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) द्वारा 100 प्रतिशत गारंटी कवरेज प्रदान किया जाएगा।
सरकार ने दिए 41600 करोड़ रुपये
एनसीजीटीसी की तरफ से गांरटी दिए जाने के उद्देश्य से सरकार ने चालू और अगले तीन वित्त वर्षों के लिए 41600 करोड़ रुपये की सुविधा दी है। यह योजना घोषणा की तारीख से 31 अक्टूबर तक या 3 लाख करोड़ रुपये तक का लोन आवंटित होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी। सरकार की तरफ से एमएसएमई के लिए लोन और कई अन्य बेनेफिट घोषित किए जाने के बाद देश भर के स्टार्ट-अप्स और छोटे व्यवसाय काफी तेजी से एमएसएमई मंत्रालय के पंजीकरण पोर्टल, उद्योग आधार, पर खुद को एमएसएमई रजिस्टर करने के लिए आवेदन कर रहे हैं। लोन के जरिए लिक्विडिटी हासिल करने के साथ-साथ बाकी बेनेफिट प्राप्त करने के लिए स्टार्ट-अप्स और छोटे व्यवसाय ऐसा कर रहे हैं। मगर एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोन मिलना थोड़ा मुश्किल है।
कितना मिलेगा लोन
एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक फरवरी के अंत तक फर्म पर जितना क्रेडिट बकाया होगा उसका अधिकतम 20 फीसदी लोन दिया जाएगा। इसके साथ ही बकाया लोन उस तारीख से कम से कम 60 दिनों पहले का होना चाहिए। अधिकारी के मुताबिक लोन के मामले में जबरदस्त रेस्पोंस देखने को मिल रहा है, क्योंकि इस लोन पर फर्म की कोई भी अपनी गारंटी नहीं होगी।


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