नयी दिल्ली। सरकार ने आर्थिक संकट का सामना कर रहे एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) का ऐलान किया था। इस योजना के तहत बैंकों ने 1 जून से एमएसएमई को लोन देना शुरू किया। ये लोन 31 अक्टूबर तक (या 3 लाख करोड़ रु की राशि पूरी होने तक) बांटा जाएगा। अधिकारिक डेटा के अनुसार 1 जुलाई तक इसमें से 34.69 लाख फर्म्स को 1.10 लाख करोड़ रु का लोन पास कर दिया गया है। हालांकि इसमें से अभी तक 47 फीसदी यानी 52,255 करोड़ रु का ही लोन बांटा गया है। 1 जुलाई तक के ही आंकड़े बताते हैं कि ये 47 फीसदी लोन 14.03 लाख फर्म्स को दिया गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि लोन राशि पास करने और बांटने में काफी अंतर है।
प्राइवेट बैंकों का कैसा है हाल
कोटक महिंद्रा बैंक के उपाध्यक्ष और एमडी उदय कोटक ने स्वीकार किया है कि प्राइवेट बैंकों ने थोड़ी धीमी शुरुआत की। लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ हफ्तों में योजना के तहत प्राइवेट बैंक लोन पास करने और बांटने में तेजी दिखाएंगे। धीमी शुरुआत के बाद प्राइवेट बैंक भी धीरे-धीरे लोन देने की रफ्तार बढ़ा रहे हैं। पैकेज के तहत प्राइवेट बैंकों ने 4.19 लाख उधारकर्ताओं को 47,108 करोड़ रुपये का लोन मंजूर कर दिया है।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्राइवेट बैंकों ने 1 जुलाई तक 1.45 लाख कर्जदारों को पैकेज के तहत 18,906 करोड़ रुपये का लोन बांट दिया है। लोन बांटने के मौजूदा पैटर्न से संकेत मिलता है कि प्राइवेट बैंक बड़े लोन दे रहे है। प्राइवेट बैंक लगभग 13 लाख रुपये प्रति उधारकर्ता लोन दे रहे हैं, जबकि सरकारी बैंक 2.5 लाख रुपये से लेकर 3.50 लाख रुपये प्रति उधारकर्ता तक के छोटे लोन देना पसंद कर रहे हैं।
औसतन कितना लोन दिया जा रहा
1,10,343 करोड़ रुपये के कुल पास किए लोन में से सरकारी बैंकों ने 12.58 करोड़ उधारकर्ताओं को 63,234 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए हैं। प्राइवेट बैंकों द्वारा प्रति उधारकर्ता को औसतन 13.07 लाख रुपये का लोन दिया जा रहा है, जबकि पीएसयू बैंकों में प्रति उधारकर्ता औसतन 2.65 लाख रुपये का लोन मिल रहा है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 20,281 करोड़ रुपये के लोन मंजूर (पास) किए हैं और इसमें से 12,885 करोड़ रुपये का लोन बांटा है। केनरा बैंक ने 8,237 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए और 4,342 करोड़ रुपये का लोन बांटा। सरकार ने इस लोन के पुनर्भुगतान की गारंटी दी है, लेकिन प्राइवेट बैंकों ने शुरुआत में अपना हाथ थोड़ा तंग रखा।
किस राज्य का कैसा हाल
राज्यों में देखें तो महाराष्ट्र को सरकारी बैंकों से अधिकतम लोन प्राप्त हुआ, जिसमें 2.62 लाख उधारकर्ताओं को 6,578 करोड़ रुपये का लोन पास किया गया। इसमें से 3,310 करोड़ रुपये अब तक 94,377 कर्जदारों को दिए जा चुके हैं। तमिलनाडु में 6,390 करोड़ रुपये के एमएसएमई लोन 3.21 लाख उधारकर्ताओं के लिए मंजूर किए गए हैं, जबकि 1.26 लाख ग्राहकों को अब तक 3,695 करोड़ रुपये बतौर लोन मिल गए हैं। उत्तर प्रदेश में कुल पास की गई लोन राशि 6,001 करोड़ रुपये है, जिसमें से 3,259 करोड़ रुपये का लोन दिया जा चुका है।


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