नयी दिल्ली। बाकी देशों की तरह भारत में भी कोरोना महामारी ने कारोबारों की कमर तोड़ कर रख दी। मगर इसके बावजूद एमएसएमई (सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम) सेक्टर ने काफी दम दिखाया है। लाखों कारोबारों ने खुद को रजिस्टर कराया है। सरकार ने एमएसएमई सेक्टर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल की शुरुआत की थी, जिससे बिना कागजी कार्यवाही के रजिस्ट्रेशन का जल्दी होता है। सरकार ने उद्यम पोर्टल शुरू किया था, जिस पर केवल चार महीनों में 11 लाख से भी ज्यादा कारोबारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। ये पोर्टल जुलाई में लॉन्च किया गया था। एक और अच्छी बात ये है कि इन तीन महीनों में ही एमएसएमई की यूनिट्स ने 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी भी दी है।
क्या मिलता है फायदा
अगर आप भी इस पोर्टल पर अपने छोटे बिजनेस को रजिस्टर कराएं तो आपको ढेर सारी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। सरकार ने एमएसएमई सेक्टर के लिए कई रिफॉर्म और लोन स्कीम शुरू की हैं। आपको उद्यम रजिस्ट्रेशन के बाद बिना गारंटी वाला लोन मिल सकता है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 के तहत रजिस्टर्ड छोटे और मध्यम उद्यमों को पेटेंट रजिस्ट्रेशन और इंडस्ट्रियल प्रमोशन के लिए भारी सब्सिडी मिलती है। रजिस्टर्ड उद्यम को क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड स्कीम के तहत ओवरड्राफ्ट का भी लाभ मिलता है। ओवरड्राफ्ट की लिमिट अलग-अलग बैंकों में कम-ज्यादा होती है।
बिजली बिल में छूट
नए एमएसएमई उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल के तहत पंजीकृत छोटे व्यवसायों को बिजली के बिलों पर रियायत भी मिलती है। सूक्ष्म, छोटे और मध्यम कारोबारी सरकारी ठेकों की बोली में हिस्सा ले सकते हैं। उन्हें इन सरकारी निविदाओं के लिए आवेदन करते समय आसानी से छूट का लाभ मिल सकता है। सरकार किसी लायबिलिटी को कम करने या खत्म करने में कंपनी की मदद करती है। इसमें टैक्स से राहत, रेट घटाने या वस्तुओं के किसी हिस्से पर टैक्स से राहत प्रदान करना शामिल है।
प्रमोशन में मदद
भारत सरकार इंटरनेशनल फेयर में भाग लेने के लिए उद्यम पर रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स, उद्यमी कंपनी और मौजूदा छोटे-मध्यम व्यवसायों को प्रोत्साहित करती है, जहां वे अपने प्रोडक्ट और सेवाएं का प्रमोशन कर सकते हैं। ये केंद्र सरकार की तरफ से की जाने वाली एक बड़ी सहायता है, जिससे छोटे उद्यमियों को बड़ा प्लेटफॉर्म मिलता है।
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
उदयम पंजीकरण की वेबसाइट पर पहुँचें। सभी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें और सुनिश्चित करें कि सभी डिटेल सही दर्ज की गई है। उदयम आवेदन का भुगतान ऑनलाइन करें और फिर आपका उद्यम ऑनलाइन आवेदन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों में से एक द्वारा प्रोसेस्ड किया जाएगा। यानी कोई अधिकारी आपके आवेदन की प्रोसेस को पूरा करेगा। इसके 1-2 घंटे के भीतर आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर आपको उदयम प्रमाणपत्र मिल जाएगा।
किन कारोबारों में ज्यादा दम
अधिकतम रजिस्टर हुई एमएसएमई जिन उद्योगों से संबंधित हैं उनमें फूड प्रोडक्ट, कपड़ा, परिधान, मेटल प्रोडक्ट और मशीनरी और उपकरण शामिल हैं। उद्यम रजिस्ट्रेशन में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात शीर्ष पांच राज्य रहे। इसके अलावा रजिस्टर होने वाले कारोबारों में से सूक्ष्म उद्यमों की हिस्सेदारी अधिकतम 93.17 प्रतिशत रही, जबकि केवल 5.62 प्रतिशत छोटे और 1.21 प्रतिशत मध्यम स्तर के कारोबार रहे।


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